Edited By meena, Updated: 12 Sep, 2026 02:07 PM

इंदौर नगर निगम में जीतू यादव की एमआईसी में वापसी के बाद एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। भाजपा पार्षद कमलेश कालरा ने पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताते हुए देवी अहिल्या...
इंदौर (सचिन बहरानी) : इंदौर नगर निगम में जीतू यादव की एमआईसी में वापसी के बाद एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। भाजपा पार्षद कमलेश कालरा ने पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताते हुए देवी अहिल्या की प्रतिमा के पास परिवार सहित धरना दिया। कमलेश कालरा ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और पार्टी नेताओं पर भेदभाव का आरोप लगाया।
इंदौर में विधानसभा 4 की पार्टी और संगठन पर दबाव की राजनीति शुरू हो गई है। जीतू यादव की MIC में एंट्री पर कमलेश कालरा का आरोप है कि उन्होंने पार्टी लाइन और प्रदेश संगठन के निर्देशों का पालन किया, लेकिन इसके बावजूद जीतू यादव की एमआईसी में वापसी का फैसला किया गया। इसी को लेकर उन्होंने संगठन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संगठन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। कालरा का कहना है कि पार्टी में कुछ लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जबकि अपराधियों को संरक्षण देने जैसी स्थिति बन रही है। परिवार के साथ धरने पर बैठे कमलेश कालरा ने कहा कि वह अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आखिरी दम तक लड़ेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि न्याय के लिए जरूरत पड़ी तो वह भोपाल से लेकर दिल्ली तक जाएंगे।
जीतू यादव की एमआईसी में वापसी के बाद विधानसभा-4 की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। इसे पार्टी और संगठन पर दबाव बनाने की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ संगठन अपने फैसले के साथ आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के ही पार्षद द्वारा खुले तौर पर विरोध किए जाने से मामला चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि कमलेश कालरा के विरोध के बाद भाजपा संगठन इस पूरे मामले को किस तरह संभालता है और क्या पार्टी स्तर पर दोनों पक्षों के बीच कोई समाधान निकाला जाता है।