BJP के दिग्गज नेता ने अपनी ही पार्टी को कोसा! बोले- पार्टी में चमचाबाद हावी, योग्यता का कोई मतलब नहीं

Edited By Himansh sharma, Updated: 29 Apr, 2026 11:37 PM

bjp leader targets own party facebook post on chamchagiri goes viral

मध्य प्रदेश की सियासत में उस समय हलचल तेज हो गई जब भाजपा के  नेता राज चड्ढा ने सोशल मीडिया पर अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राज चड्ढा ने सोशल मीडिया पर अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। ग्वालियर से जुड़े भाजपा नेता राज चड्ढा की एक फेसबुक पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। पार्टी के भीतर बढ़ते कथित ‘चमचावाद’ और योग्य कार्यकर्ताओं की अनदेखी को लेकर उनकी नाराजगी खुलकर सामने आई, जिससे संगठन के अंदरूनी हालात पर भी चर्चा तेज हो गई है।

राज चड्ढा ने अपनी पहली फेसबुक पोस्ट में लिखा - आज की राजनीति में योग्यता, कर्मठता और विनम्रता से अधिक आवश्यक है कि आप किसी बॉस के चमचे हों, अन्यथा भले ही वेद प्रकाश हों, सब व्यर्थ है। इस एक पोस्ट ने भाजपा संगठन के भीतर खलबली मचा दी। राजनीतिक जानकारों ने इसे सीधे तौर पर पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी, चाटुकारिता और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से जोड़कर देखा। माना जा रहा है कि निगम-मंडलों, प्राधिकरणों और विभिन्न संस्थाओं में नियुक्तियों के दौर के बीच यह नाराजगी सामने आई है, जहां कई पुराने कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

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हालांकि पोस्ट वायरल होने के कुछ समय बाद ही राज चड्ढा ने इसे हटा दिया, लेकिन तब तक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल चुके थे। पोस्ट हटाने के बाद उन्होंने एक और तीखी टिप्पणी करते हुए नई पोस्ट साझा की, जिसमें लिखा
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सत्य कहने के लिए साहस चाहिए, सुनने के लिए विवेक… यह लोभी चमचों के बस की बात नहीं है। इस दूसरी पोस्ट ने यह साफ संकेत दिया कि उनका असंतोष केवल क्षणिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संगठन के भीतर लंबे समय से चल रही नाराजगी का परिणाम है। सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे सच्चाई बोलने का साहस बताया, तो कुछ ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ कदम माना।

PunjabKesariराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में इस समय संगठनात्मक नियुक्तियों और राजनीतिक संतुलन को लेकर अंदरखाने कई तरह की खींचतान चल रही है। ऐसे समय में पार्टी के एक पुराने और प्रभावशाली नेता की सार्वजनिक नाराजगी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह केवल एक फेसबुक पोस्ट नहीं, बल्कि संगठन के भीतर पनप रहे असंतोष का संकेत माना जा रहा है।

राज चड्ढा भाजपा के पुराने नेताओं में गिने जाते हैं और ग्वालियर क्षेत्र की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती रही है। वे पार्टी में जिला स्तर पर वरिष्ठ नेता रहे हैं और कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वे ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण (Vyapar Mela Authority) से भी जुड़े रहे हैं तथा भाजपा जिला अध्यक्ष के पद पर भी रह चुके हैं। संगठन में उनकी पहचान एक मुखर और स्पष्टवादी नेता के रूप में रही है।

यह पहली बार नहीं है जब राज चड्ढा ने सार्वजनिक रूप से अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए हों। वर्ष 2017 में भी उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए मध्यप्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उस समय उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कार्यशैली पर भी अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी कर दी थी, जिससे बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। उस प्रकरण ने भी उन्हें सुर्खियों में ला दिया था।

PunjabKesariफिलहाल भाजपा की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक हलकों में इसे आने वाले दिनों में संगठनात्मक समीकरणों और नियुक्तियों पर असर डालने वाली घटना के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस बयानबाजी को केवल व्यक्तिगत नाराजगी मानता है या इसे संगठन के भीतर गहराते असंतोष के संकेत के रूप में देखता है।

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