Edited By Himansh sharma, Updated: 28 Jan, 2026 10:36 AM

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया यह मामला इलाज से ज़्यादा अहंकार बनाम समानता की बहस को जन्म दे रहा है।
ग्वालियर। (अंकुर जैन): मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया यह मामला इलाज से ज़्यादा अहंकार बनाम समानता की बहस को जन्म दे रहा है। सिविल अस्पताल में कथित BJP मंडल अध्यक्ष और अस्पताल कर्मचारी के बीच हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे एक मरीज ने खुद को भाजपा का मंडल अध्यक्ष बताया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी ने उन्हें आम मरीज की तरह लाइन में लगने को कहा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो कुछ ही देर में कहासुनी से बढ़कर मारपीट तक पहुंच गया।
पूरी घटना अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है
क्या सरकारी अस्पतालों में इलाज पद और पहचान देखकर होगा, या हर नागरिक के साथ समान व्यवहार किया जाएगा? लोकतंत्र में पद बड़ा होता है या इंसान—यह बहस एक बार फिर ग्वालियर से उठ खड़ी हुई है।
अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में दोषियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।