Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Jan, 2026 02:24 PM

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ग्वालियर दौरे के दौरान भाजपा सरकार और प्रशासन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है।
ग्वालियर। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ग्वालियर दौरे के दौरान भाजपा सरकार और प्रशासन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। भ्रष्टाचार, दूषित पानी, SIR और आउटसोर्स व्यवस्था को लेकर दिए गए बयानों से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
संभागीय ब्लॉक अध्यक्षों की बैठक में शामिल होने पहुंचे जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए वार्ड, पंचायत और मंडल कांग्रेस कमेटियों का गठन तेज़ी से किया जा रहा है। अब तक 7000 पंचायत कमेटियों का गठन हो चुका है। ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिला अध्यक्ष, प्रभारी और विधानसभा प्रभारियों को बुलाकर संगठनात्मक गंभीरता समझाई गई है।
SIR पर चेतावनी: गड़बड़ी हुई तो FIR, जेल तय
SIR के तहत मुस्लिम वोट काटे जाने के आरोपों पर पटवारी ने कहा कि भाजपा ने अपने मंत्रियों की ड्यूटी वोट बचाने में लगा दी है। अब तक 11 लाख से ज्यादा आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं, जो लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है अगर भाजपा के दबाव में कोई गलती हुई तो FIR कराई जाएगी, जेल भेजेंगे। कलेक्टर तक नहीं बचेंगे।
महू दूषित पानी मामला: ‘मोदी के राज्य में पानी में जहर से मौत’
महू में दूषित पानी से हुई बीमारियों पर पटवारी ने कहा कि 25 साल की भाजपा सरकार में ऐसा पहली बार सुनने को मिला कि पानी में जहर से लोगों की मौत हो गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि NGT के अनुसार प्रदेश का 70% पानी पीने योग्य नहीं है, फिर भी सरकार लोगों को सुरक्षित पानी नहीं दे पाई। कांग्रेस हर जिले और वार्ड में पानी के मुद्दे पर आंदोलन करेगी।
‘पैसे से मिलती है पोस्टिंग, हर कलेक्टर चोर’
सबसे बड़ा बयान देते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और चीफ सेक्रेटरी दोनों ने यह स्वीकार किया है कि जिलों में कलेक्टर रिश्वत लेते हैं। जब चीफ सेक्रेटरी खुद मान रहे हैं कि हर कलेक्टर चोर है, तो मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टरों की पोस्टिंग पैसे देकर होती है और 50% कमीशन की संस्कृति पूरे सिस्टम में बैठ चुकी है।
बताइए कौन सा दफ्तर है जहां रिश्वत नहीं ली जाती’
पटवारी ने ग्वालियर-चंबल संभाग के प्रशासन को घेरते हुए कहा कि तहसीलदार, पटवारी से लेकर गांव-गांव तक करप्शन फैला है। उन्होंने पत्रकारों को भी चुनौती दी कि वे ऐसा कोई कार्यालय बताएं जहां रिश्वत नहीं ली जाती हो।