Edited By meena, Updated: 27 May, 2026 02:05 PM

मध्यप्रदेश में भाजपा नई प्रदेश कार्यसमिति के गठन के साथ संगठनात्मक बदलाव की बड़ी तैयारी में जुट गई है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बनने वाली नई टीम को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है...
भोपाल : मध्यप्रदेश में भाजपा नई प्रदेश कार्यसमिति के गठन के साथ संगठनात्मक बदलाव की बड़ी तैयारी में जुट गई है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बनने वाली नई टीम को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है। पार्टी जल्द ही नई कार्यसमिति की घोषणा कर सकती है, जिसके बाद पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक ऐतिहासिक नगरी ओरछा में आयोजित होने की संभावना है।
भाजपा इस बार कार्यसमिति का आकार सीमित रखने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी संविधान के अनुसार कार्यसमिति को करीब 105 सदस्यों तक सीमित रखने का फैसला किया गया है, जबकि विशेष आमंत्रित सदस्यों की संख्या भी सीमित रहेगी। पिछले कार्यकालों में कार्यसमिति का आकार 400 से अधिक सदस्यों तक पहुंच गया था। संगठन का मानना है कि छोटी और सक्रिय टीम निर्णय लेने में अधिक प्रभावी साबित होगी।
नई कार्यसमिति में इस बार बड़े शहरों के मुकाबले छोटे जिलों और नए चेहरों को अधिक अवसर मिलने के संकेत हैं। अब तक भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े जिलों का संगठन में दबदबा रहा है, लेकिन भाजपा इस बार क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर रही है।
भाजपा संगठन सामाजिक और महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े नेताओं को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है। वहीं महिलाओं की हिस्सेदारी को 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 से 30 प्रतिशत तक ले जाने की तैयारी की जा रही है। पार्टी महिला मोर्चा और जमीनी स्तर पर सक्रिय महिला नेताओं को नई कार्यसमिति में स्थान दे सकती है।
भाजपा नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि अब प्रदेश कार्यसमिति की बैठकें हर तीन महीने में नियमित रूप से आयोजित होंगी। इन बैठकों में आगामी तीन महीने की संगठनात्मक और चुनावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पार्टी इसे 2028 विधानसभा चुनाव और नगरीय निकाय चुनावों की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम मान रही है।