Edited By Himansh sharma, Updated: 28 Apr, 2026 02:29 PM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिए गए फील्ड विज़िट और रात्रि विश्राम के निर्देश अब मध्यप्रदेश में जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव के रूप में दिखाई देने लगे हैं।
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिए गए फील्ड विज़िट और रात्रि विश्राम के निर्देश अब मध्यप्रदेश में जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव के रूप में दिखाई देने लगे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल अब धीरे-धीरे गति पकड़ रही है। इसी क्रम में उज्जैन और दतिया जिलों में कलेक्टर स्तर पर रात्रि विश्राम और ग्रामीण संवाद की पहल सामने आई है।
उज्जैन कलेक्टर रौशन सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में रुककर जनसंवाद किया और विभिन्न योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन किया, वहीं दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे ने भी गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और प्रशासनिक योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझा।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का उद्देश्य यही है कि अधिकारी केवल कार्यालयीन कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और कस्बों में पहुंचकर जनता के बीच समय बिताएं, रात्रि चौपाल लगाएं और योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
अब अन्य जिलों में भी इसी तरह की फील्ड विज़िट और रात्रि विश्राम की तैयारी शुरू हो रही है और कलेक्टर लोगों के बीच पहुंचेंगे। इससे प्रशासनिक अमले की जमीनी उपस्थिति मजबूत होने के साथ-साथ जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद भी बढ़ी है।