Edited By meena, Updated: 05 Jan, 2026 05:03 PM

कांग्रेस पार्टी में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। इस बार मामला मऊगंज जिले से जुड़ा है, जहां पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी के एक बयान ने पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज कर दी है...
मऊगंज: कांग्रेस पार्टी में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। इस बार मामला मऊगंज जिले से जुड़ा है, जहां पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी के एक बयान ने पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज कर दी है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद कांग्रेस के ही कार्यकर्ता उनके खिलाफ मुखर हो गए हैं।
हनुमना में आयोजित “सामाजिक समरसता” नामक कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने मंच से अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कांग्रेस संगठन को लेकर सवाल खड़े करते हुए पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना पर सीधा हमला बोला। तिवारी ने कहा कि यहां संगठन नहीं बल्कि “बन्ना कांग्रेस” चल रही है, जिससे पार्टी की अंदरूनी खाई सार्वजनिक हो गई।
‘कांग्रेस नहीं, बन्ना कांग्रेस’ बयान से बढ़ी तल्खी
अपने भाषण में लक्ष्मण तिवारी यहीं नहीं रुके। उन्होंने विवादित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वह नहीं जानते कि यह कौन-सा “जीव-जंतु” है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पदाधिकारी आएं या न आएं, मऊगंज की जनता उन्हें ताकत देगी। उनके इस बयान ने पार्टी के भीतर नाराजगी और असंतोष को और भड़का दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
तिवारी का यह पूरा भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा होते ही कांग्रेस के भीतर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कई कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ बताया, जबकि कुछ नेताओं ने इसे गुटबाजी को बढ़ावा देने वाला बयान करार दिया।
कार्यकर्ताओं ने घेरा, अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लक्ष्मण तिवारी को घेरते हुए सवाल उठाए कि जब मऊगंज के आम लोगों को जरूरत होती है, तब वह कहां रहते हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी ने जिला इकाई को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ऐसे में बिना अनुमति इस तरह के आयोजन और बयानबाजी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है।