Edited By Desh Raj, Updated: 13 Feb, 2026 05:37 PM

छतीसगढ़ में कांग्रेस की कलह अब खुलकर सामने आ गई है। जो ये बता रहा है कि कांग्रेस में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। दरअसल जिला सूरजपर में पूर्व सांसद की बहू समेत 10 पदाधिकारियों ने नियुक्ति के महज 3 दिन बाद ही इस्तीफा देकर कांग्रेस के भीतर की सारी कलई...
(सूरजपुर): छतीसगढ़ में कांग्रेस की कलह अब खुलकर सामने आ गई है। जो ये बता रहा है कि कांग्रेस में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। दरअसल जिला सूरजपर में पूर्व सांसद की बहू समेत 10 पदाधिकारियों ने नियुक्ति के महज 3 दिन बाद ही इस्तीफा देकर कांग्रेस के भीतर की सारी कलई खोल दी है। इससे पता लग रहा है कि संगठन में लगातार असंतोष बढ़ता ही जा रहा है और पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है।
दरअसल जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर में संगठनात्मक अतर्कलह खुलकर सामने आ गई है। महज 3 दिन पहले यानिकी 9 फरवरी को जिला स्तर पर कई पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई। लेकिन हलचल तब मच गई जब 12 फरवरी से अचानक इस्तीफों का दौर शुरु हो गया।
उषा सिंह और एक साथ 10 पदाधिकारियों के इस्तीफे से तूफान...

पूर्व सांसद की बहू समेत 10 पदाधिकारियों के एक के बाद एक इस्तीफे ने पार्टी को हैरान कर दिया और संगठन के भीतर गहराते असंतोष और नेतृत्व संकट की चर्चाओं को तेज कर दिया है।
सरगुजा के पूर्व सांसद स्व. खेलसाय सिंह की बहू हैं उषा
जिला उपाध्यक्ष नियुक्त की गईं उषा सिंह के इस्तीफे से सभी हैरान रह गए। आपको बता दे कि उषा सिंह सरगुजा के पूर्व सांसद एवं प्रेमनगर विधानसभा के पूर्व विधायक स्व. खेलसाय सिंह की बहू हैं। इसके साथ ही वो पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। बात यही खत्म नहीं हो जाती, उनकी राजनीतिक कद कितना ऊंचा है वो इससे पता चलता है कि वो वर्तमान जिलाध्यक्ष शशि सिंह के साथ भी रिश्तेदारी में हैं। इनका अचानक इस्तीफा बताता है कि सूरजपुर कांग्रेस के अंदरखाने में क्या चला है।
उषा सिंह के साथ इस्तीफा देने वालों में उषा सिंह के अलावा सचिव पुष्पेंद्र सिंह, महामंत्री राजेंद्र गुर्जर, संयुक्त महामंत्री गोरखनाथ पाठक, संयुक्त महासचिव शिव नारायण गुप्ता, महामंत्री बिजेंद्र गोयल, सचिव पवन दीवान के साथ कई नेता हैं।
अब प्रदेश नेतृत्व से विवाद सुलझाने की उम्मीद
जानकारी के मुताबिक वर्तमान जिलाध्यक्ष शशि सिंह के नेतृत्व को लेकर पहले भी अंदरूनी असंतोष की चर्चाएं होती रही हैं। इतने बड़े स्तर पर हुए इस्तीफों और विवाद के बीच अब प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से विवाद और असंतोष को सुलझाने की उम्मीद की जा रही है।