Edited By Desh Raj, Updated: 23 Feb, 2026 04:09 PM

:छतीसगढ़ की विधानसभा में उस समय अलग सा माहौल बन गया जब प्रदेश के पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा करीब साल भर जेल में रहने के बाद सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। सोमवार को जब कवासी लखमा सदन में पंहुचे तो स्थिति अलग से बन गई। लेकिन...
(रायपुर):छतीसगढ़ की विधानसभा में उस समय अलग सा माहौल बन गया जब प्रदेश के पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा करीब साल भर जेल में रहने के बाद सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। सोमवार को जब कवासी लखमा सदन में पंहुचे तो स्थिति अलग से बन गई। लेकिन इसी दौरान लखमा को देखकर भाजपा विधायकों ने उन्हें गले लगा लिया और इस तरह का स्वागत देखकर सभी हैरान रह गए।
करीब साल के बाद विधानसभा पहुंचे कवासी लखमा
वहीं लखमा वापिस विधानसभा में लौटे हैं तो इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लखमा को कुछ शर्तों के साथ बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति दी है। आपको बता दें कि उन्हें अंतरिम जमानत और संवैधानिक प्रावधानों के पालन की शर्त पर ही सदन में आने की इजाजत दी गई है। जिस मामले में कवासी लखमा को जमानत मिली है, उसकी जांच अभी जारी है। लखमा के लिए नियमों का सख्ती से पालन करना जरुरी होगा। सत्र के दौरान उन्हें विधानसभा सचिव को अपने आने-जाने की पूरी जानकारी देनी होगी। वहीं अगर नियमों का उल्लंघन होता है तो अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द की जा सकती है।
पूरे नियमों के साथ सदन में पेश आना होगा
वहीं सत्र के दौरान कवासी लखमा किसी भी तरह का भाषण नहीं दे सकेंगे इसके साथ ही वो अपने मामले से जुड़े किसी भी विषय पर सार्वजनिक टिप्पणी भी नहीं कर पाएंगे। उनकी उपस्थिति केवल बजट सत्र तक सीमित रहेगी और वो किसी अन्य कार्यक्रम में हिस्सा भी नहीं ले सकेंगे।
25 जनवरी 2025 को ईडी में किया था गिरफ्तार
आपको बता दें कि 25 जनवरी 2025 को शराब घोटाला मामले में ईडी ने कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। 3 फरवरी को ही उनको सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली और वो जेल से बाहर आए। सोमवार को सालभर जेल में रहने के बाद पहली बार विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हुए तो भाजपा विधायकों ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया