MP में चरम पर कांग्रेसी कलह, एक-दूसरे पर पैसा खाने का आरोप लगाकर भिड़े पार्षद, गाली गलौज से धक्कामुक्की तक जा पंहुचा मामला

Edited By Desh Raj, Updated: 01 Jul, 2026 09:58 PM

congress infighting surfaces in neemuch municipality

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की भीतरी कलह रुकने का नाम नहीं ले रही है। कहीं न कहीं से गुटबाजी और विवाद के मामले देखने को मिल रहे हैं। अब नीमच में कांग्रेस का विवाद सड़क तक आ पहुंचा है।

(नीमच): मध्य प्रदेश में कांग्रेस की भीतरी कलह रुकने का नाम नहीं ले रही है। कहीं न कहीं से गुटबाजी और विवाद के मामले देखने को मिल रहे हैं। अब नीमच में कांग्रेस का विवाद सड़क तक आ पहुंचा है। विवाद ऐसा कि खुलकर धक्का मुक्की और बहसबाजी हुई।

दरअसल  नीमच नगर पालिका परिषद के विशेष सम्मेलन के बाद बुधवार को कांग्रेस के दो पार्षदों के बीच नामांतरण प्रस्ताव को लेकर घमासान हो गया। बैठक समाप्त होते ही नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति और कांग्रेस पार्षद के बीच तीखी बहस देखने को मिली। देखते ही देखते बहस  गाली गलौज और धक्का-मुक्की में बदल गई। कांग्रेस की इस कलह को देखकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया।

तनाव बढ़ता देख बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों ने किया हस्तक्षेप

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति और वार्ड क्रमांक 37 की पार्षद प्रतिनिधि शराफत अली के बीच बहसबाजी का मामला सामने आया है। पहले बहसबाजी हुई और फिर मामला गालियों से होता हुए धक्का मुक्की तक पहुंच गया। मामला बढ़ता देख  मौके पर मौजूद कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को संभाला।

करीब 350 नामांतरण प्रकरणों में शामिल बोहरा समाज की महिला के नामांतरण प्रस्ताव पर योगेश प्रजापति द्वारा पूर्व में आपत्ति दर्ज कराए जाने के मामले में विवाद की स्थिति बन गई। बैठक के दौरान शुरू हुआ विवाद परिषद कक्ष से बाहर खुलकर सामने आ गया। शराफत अली का कहना था कि सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद संबंधित नामांतरण को पारित किया है।

जब 350 नामांतरण स्वीकृत किए जा रहे थे तो केवल एक नामांतरण पर आपत्ति का कोई औचित्य नहीं बनता है । उन्होंने कहा कि बाहर आकर नेता प्रतिपक्ष ने यह टिप्पणी की है कि किसी ने पैसे लेकर नामांतरण पास कराया है।  बिना तथ्यों के ऐसे आरोप लगाना सही नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष ने बाद में दी सफाई

वहीं बाद में नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने विवाद के बाद सफाई देते हुए कहा कि उनका आरोप कांग्रेस पार्षदों पर नहीं, बल्कि भाजपा पार्षदों पर था। उन्होंने कहा कि  कांग्रेस पार्षदों पर उन्होंने कोई आरोप नहीं लगाया और परिषद के बाहर जो विवाद हुआ,वह गलतफहमी के चलते हुए। लिहाजा कुछ देर तक स्थिति विवादित बनी रही।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!