MP में नहीं थम रहा भ्रष्टाचार ! महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पर लोकायुक्त का छापा, मचा हड़कंप

Edited By Vandana Khosla, Updated: 10 Jun, 2026 10:17 AM

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इंदौर (सचिन बहरानी): इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर छापा मारा है। प्रारंभिक जांच में कंडवाल के पास आय से 241 प्रतिशत अधिक...

इंदौर (सचिन बहरानी): इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर छापा मारा है। प्रारंभिक जांच में कंडवाल के पास आय से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त की तीन टीमें उनके मकान, जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर सहित अन्य परिसरों पर दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई हैं। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपए की संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिलने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई के तहत लोकायुक्त पुलिस को लक्ष्मी नारायण कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत के सत्यापन की जिम्मेदारी कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास को सौंपी गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि कंडवाल ने अपने करीब 30 वर्षों के शासकीय सेवाकाल में वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।

लोकायुक्त की जांच के अनुसार वर्ष 1996 से सेवा में कार्यरत लक्ष्मी नारायण कंडवाल की वेतन और अन्य वैध स्रोतों से कुल आय लगभग ढाई करोड़ रुपए आंकी गई है, जबकि अब तक सत्यापित संपत्तियों का मूल्य करीब साढ़े नौ करोड़ रुपए पाया गया है। इस आधार पर उनके पास 241 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति होने का मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

जांच में सामने आया है कि स्कीम नंबर 103 में 252 वर्गमीटर के व्यावसायिक भूखंड पर लगभग 13,500 वर्गफीट का बहुमंजिला भवन निर्मित है। भवन की तीन मंजिलों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं, जबकि चौथे तल पर परिवार निवास करता है। इसके अलावा स्कीम नंबर 140 में दो प्लॉट और पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से लगे तारपुरा, बेकलाय और बनेड़िया सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 11 अलग-अलग कीमती भूखंड भी सामने आए हैं।

लोकायुक्त पुलिस ने विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर बुधवार सुबह छापामार कार्रवाई शुरू की। तीन अलग-अलग टीमों द्वारा मकान, जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर सहित विभिन्न परिसरों में दस्तावेजों और निवेश संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद संपत्तियों का वास्तविक मूल्य और अन्य निवेशों का भी खुलासा हो सकता है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का यह मामला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद करोड़ों की अन्य संपत्तियों तथा निवेशों का भी खुलासा होने की संभावना है।

 

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