MP के इस जिले में 15 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति निरस्त, BEO के एक्शन से हड़कंप

Edited By meena, Updated: 22 Jun, 2026 04:50 PM

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मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के चिचोली विकासखंड में शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति (अटैचमेंट) का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जनजातीय कार्य विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद वर्षों से चल रहे प्रतिनियुक्ति के खेल पर कार्रवाई करते...

बैतूल : मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के चिचोली विकासखंड में शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति (अटैचमेंट) का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जनजातीय कार्य विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद वर्षों से चल रहे प्रतिनियुक्ति के खेल पर कार्रवाई करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने 15 शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें उनकी मूल पदस्थ संस्थाओं में वापस भेज दिया है। हालांकि, कारर्वाई के बाद भी कुछ शिक्षक अब भी अन्य संस्थाओं में प्रतिनियुक्त हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सोमवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा किसी भी शिक्षक को अन्य संस्थाओं में प्रतिनियुक्त नहीं करने के निर्देश पूर्व में जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद चिचोली ब्लॉक में कई शिक्षक लंबे समय से ब्लॉक मुख्यालय, तहसील कार्यालय, जन शिक्षा केंद्र और सड़क किनारे स्थित विद्यालयों में अटैच होकर कार्य कर रहे थे। इस मुद्दे को लेकर प्रकाशित समाचार के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और कारर्वाई शुरू की गई।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी चिचोली ने आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के 10 दिसंबर 2024 के निर्देश, कलेक्टर बैतूल के आदेश तथा सहायक आयुक्त के मौखिक निर्देशों का हवाला देते हुए 15 शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का आदेश जारी किया। इनमें तहसील कार्यालय चिचोली में पदस्थ तीन शिक्षक, बीईओ कार्यालय में अटैच एक शिक्षक, जन शिक्षा केंद्र में कार्यरत दो शिक्षक तथा विभिन्न ग्रामीण विद्यालयों में अटैच अन्य शिक्षक शामिल हैं। जिन शिक्षकों को उनकी मूल संस्थाओं में वापस भेजा गया है, उनमें धरमदास उइके, रामस्वरूप पांसे, जयसिंह भलावी, संतोष कुमार सेलूकर, मालती उइके, आरती शुक्ला, इमरत धुर्वे, सुनील कुमार वागद्रे, अजय मालवी, कमलेश कुमरे, अकलेश करछले, कृष्णा लोखंडे, श्याम यादव, योगेंद्र सूर्यवंशी और गीता आर्य के नाम शामिल हैं।

विभाग ने संबंधित शिक्षकों को आगामी माह से वेतन उनकी मूल पदस्थ संस्था से ही आहरित करने के निर्देश भी दिए हैं। हालांकि, 15 प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद भी ब्लॉक में कुछ शिक्षक अब भी अन्य संस्थाओं में कार्यरत बताए जा रहे हैं। इस पर सवाल उठने लगे हैं कि यदि शासन स्तर पर अटैचमेंट पूरी तरह प्रतिबंधित है तो फिर कुछ शिक्षकों को छूट क्यों दी जा रही है। इस संबंध में बीईओ ज्वालाप्रसाद प्रजापति का कहना है कि उनके स्तर से सभी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दिए गए हैं। यदि कोई शिक्षक अब भी अटैच है तो वह सहायक आयुक्त कार्यालय के निर्देशों पर कार्य कर रहा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की जानकारी सहायक आयुक्त कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति को लेकर हुई इस कारर्वाई के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शेष बचे मामलों में भी विभाग समान रूप से नियमों का पालन कराता है या नहीं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। 

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