धमधा के सरकारी स्कूलों में BEO का ताबड़तोड़ एक्शन, कई शिक्षकों और रसोइयों को थमाए नोटिस

Edited By Himansh sharma, Updated: 04 Jul, 2026 04:59 PM

beo takes strict action during surprise inspection of dhamdha schools

छत्तीसगढ़ के धमधा स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश और जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में धमधा विकासखंड के शासकीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

धमधा (हेमंत पाल): छत्तीसगढ़ के धमधा स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश और जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में धमधा विकासखंड के शासकीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 3 जुलाई 2026 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कैलाश साहू की संयुक्त टीम ने घोटवानी, डीहपारा, भाठाकोकड़ी, हीरेतरा, खैरझिटी और धूमा सहित कई शासकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल उपस्थिति ही नहीं देखी, बल्कि सीधे कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से सवाल पूछे, उनके पढ़ाई के स्तर का आकलन किया और शिक्षकों की कार्यशैली का भी मूल्यांकन किया। घोटवानी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए BEO अथर्व शर्मा ने स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के बारे में जानकारी दी। यहां विद्यार्थियों का अधिगम स्तर संतोषजनक पाया गया। विद्यालय की प्रिंट-रिच वॉल और शैक्षणिक वातावरण की अधिकारियों ने खुलकर सराहना की।

हालांकि, इसी विद्यालय में छह रसोइयों में से तीन के अनुपस्थित मिलने पर अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। वहीं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल घोटवानी में कक्षा 12वीं के अंग्रेजी विषय का स्तर कमजोर पाया गया। इसके बाद प्राचार्य एवं संबंधित व्याख्याता को पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने, कक्षा 9वीं से 12वीं तक अतिरिक्त प्रायोगिक कक्षाएं संचालित करने तथा विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान पूर्व माध्यमिक शाला अकोली और आगार में अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं पूर्व माध्यमिक शाला हीरेतरा में कक्षाओं की खराब प्रकाश व्यवस्था पर प्रधान पाठक को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी कमरों में ट्यूबलाइट लगाने के निर्देश दिए गए।

दूसरी ओर, शासकीय प्राथमिक शाला खैरझिटी अधिकारियों के लिए सुखद आश्चर्य साबित हुई। यहां दूसरी से पांचवीं कक्षा तक के सभी बच्चे धाराप्रवाह हिंदी पढ़ते मिले और अधिकांश विद्यार्थियों को 15 तक के पहाड़े याद थे। बच्चों की तैयारी और शिक्षकों के प्रयासों की अधिकारियों ने विशेष रूप से सराहना की।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी अथर्व शर्मा ने कहा कि विकासखंड के सभी शासकीय विद्यालयों का लगातार निरीक्षण किया जाएगा। उद्देश्य केवल कमियां निकालना नहीं, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना, बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना तथा विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जहां अच्छा कार्य होगा, वहां प्रशंसा मिलेगी और जहां लापरवाही मिलेगी, वहां कार्रवाई भी तय है।

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