10 दिन में चार बार बढ़े डीजल-पेट्रोल के दाम, टंकी फुल करवाने में कतरा रहे ग्राहक, बढ़ती कीमतों ने बिगाड़ा आम आदमी का बजट

Edited By Vandana Khosla, Updated: 28 May, 2026 03:19 PM

diesel and petrol prices have risen four times in 10 days with consumers reluct

रायसेनः शहर सहित जिले में लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। बीते दस दिनों में चार बार ईंधन के दाम बढ़ने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। वर्तमान में पेट्रोल 115.77 रुपये प्रति लीटर और...

रायसेनः शहर सहित जिले में लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। बीते दस दिनों में चार बार ईंधन के दाम बढ़ने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। वर्तमान में पेट्रोल 115.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 101.06 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। महंगाई डायन की इस मार से अब लोग अनावश्यक यात्रा से बचने लगे हैं और वाहन की टंकी फुल करवाने से भी कतरा रहे हैं।

पेट्रोल पंपों पर पहले की तुलना में ग्राहकों की संख्या कम दिखाई दे रही है। जहां पहले लोग दो से तीन लीटर या पूरी टंकी भरवाते थे । वहीं अब अधिकांश ग्राहक सौ-दो सौ रुपये का ही पेट्रोल डलवा रहे हैं। कई लोग जरूरी काम होने पर ही वाहन निकाल रहे हैं। आम नागरिकों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। युवक नितिन सक्सेना, राजदीप पटेल संजय द्विवेदी ने बताया कि पहले वह बिना सोचे-समझे बाइक लेकर घूमने निकल जाते थे। लेकिन अब हर किलोमीटर का हिसाब लगाना पड़ रहा है। बढ़ती कीमतों ने उनकी दिनचर्या तक बदल दी है। लोगों का कहना है कि पहले जहां सफर आसान और सामान्य लगता था।अब हर यात्रा खर्च का बोझ बनती जा रही है।

महिलाओं पर भी महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। महिला राजनंदनी, प्रियंका गौर ग्राहक रोशन यादव, अंशुल पटेल शनि पटेल ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ने से घर चलाना पहले से अधिक कठिन हो गया है। महीने का बजट बार-बार बिगड़ रहा है। आने वाले दिनों को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है।
 
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह ईंधन के दाम बढ़ते रहे तो परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की अन्य वस्तुओं की कीमतों में भी और बढ़ोतरी होगी। पेट्रोल पंप संचालक संजीत सिंह जाट के अनुसार बिक्री पर भी असर पड़ा है। पहले जहां पेट्रोल की बिक्री करीब 45 हजार लीटर प्रतिदिन होती थी। वह घटकर लगभग 40 हजार लीटर तक पहुंच गई है। वहीं डीजल की बिक्री भी 25 हजार लीटर से घटकर करीब 20 हजार लीटर रह गई है। पंप संचालकों का कहना है कि लोग अब केवल जरूरत भर का ईंधन ही खरीद रहे हैं।


 

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