Edited By Desh sharma, Updated: 05 Feb, 2026 10:14 PM

देश के बिहार राज्य से एक ऐसा मामला सामने आया है जो काफी हैरान करने वाला है। दरअसल बिहार के दरभंगा जिले के एक गांव के सभी 210 ब्राह्मण समाज के लोगों पर SC-ST एक्ट में मुकदमा दर्ज हो गया है...
(डेस्क): देश के बिहार राज्य से एक ऐसा मामला सामने आया है जो काफी हैरान करने वाला है। दरअसल बिहार के दरभंगा जिले के एक गांव के सभी 210 ब्राह्मण समाज के लोगों पर SC-ST एक्ट में मुकदमा दर्ज हो गया है...पैसे के लेन-देन और भूमि विवाद में शुरू हुआ विवाद अजीबोगरीब मुकाम पर पहुंच गया।
एक परिवार से विवाद, पूरा गांव आरोपी
गांव के पूरे ब्राह्मण समाज को ही आरोपी बना दिया गया है. गांव के ही रहने वाले अशर्फी पासवान ने करीब 70 ब्राह्मणों को नामजद और लगभग 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत की है.शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया गया है कि पूरे गांव ने मिलकर सामूहिक रूप से शोषण किया है... वहीं दूसरी ओर अजीब बात ये भी है कि FIR में नामजद ज्यादातर ब्राह्मण आरोपी दूसरे राज्यों और शहरों में नौकरी, और मेहनत करके परिवार का पेट पाल रहे हैं...लेकिन गांव के सभी ब्राह्मणों पर SC-ST एक्ट लगा दिया गया है..
मकान निर्माण की मजदूरी बकाए को लेकर है विवाद
जानकारी के मुताबिक घटना 31 जनवरी की रात की है। पैसे के लेन-देन को लेकर शुरु हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। इसी घटना के बाद अशर्फी पासवान ने पूरे गांव के ब्राह्मणों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया. पासवान का आरोप है कि पूरे गांव ने मिलकर सामूहिक रूप से शोषण किया।
विवाद का जो कारण बताया जा रहा है वो मकान निर्माण को लेकर है। आवेदन में बताया गया है कि विक्रम पासवान के बड़े भाई ने साल 2015 में हरिनगर गांव के ही रहने वाले हेमंत झा के मकान का निर्माण कराया था। बताया जा रहा है कि इसी मकान निर्माण की मजदूरी का करीब ढाई लाख रुपये अब भी बकाया हैं। कई बार पैसे मांगने के बाद भी भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। अशर्फी पासवान ने आरोप लगाया है कि इसी विवाद के चलते हेमंत झा, श्रीनाथ झा, पंकज झा के साथ और कुछ लोग एक साथ उनके घर पर आए और हमला कर दिया जिसमें परिवार के कई सदस्य घायल हुए हैं।
हैरानी की बात- जो गांव में भी नहीं रहते उन पर भी FIR
पीड़ित परिवार ने शिकायत में 70 लोगों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज कराए, जबकि 140 से अधिक “अज्ञात” का उल्लेख है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि कई ऐसे नाम भी FIR में हैं जो सालों से गांव में रहते ही नहीं हैं, लेकिन उन पर भी मामला दर्ज कर लिया है।
गांववालों ने क्या कहा?
वहीं पूरे विवाद पर गांव के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ पैसे से जुड़ा मामला था लेकिन इस मामले को जातीय रंग देकर पूरे गांव पर मुकदमा कर दिया गया. वहीं दूसरी ओर पुलिस ने कहा है कि शिकायत की जांच की जा रही है, किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। पूरे मामले में हर पहलू की तफ्तीश की जा रही है।