Edited By meena, Updated: 03 Jan, 2026 01:10 PM

मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से हो रही मौतों को लेकर देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। इस त्रासदी को लेकर सीधे तौर पर प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। यही वजह है कि...
इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से हो रही मौतों को लेकर देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। इस त्रासदी को लेकर सीधे तौर पर प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। यही वजह है कि विपक्ष के साथ साथ अब तो खुद भाजपा के नेता भी सरकार को घेर रहे हैं। इसी कड़ी बीजेपी के ही एक पूर्व मंत्री और इंदौर 5 के विधायक महेंद्र हार्डिया ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भागीरथपुरा में ही नहीं बल्कि हर बस्ती में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है।
इंदौर के भागीरथपुरा में हुई इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इंदौर जिसे देश का सबसे स्वच्छ छहर का दर्जा मिला है वो भी एक बार नहीं...लेकिन दूषित पानी से फैली इस बीमारी ने सारे सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। इंदौर के दो बीजेपी नेताओं जिनमें नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री और स्थानीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सीधे तौर पर उन्हें इस लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। कांग्रेस के साथ साथ भाजपा की दिग्गज नेत्री ने भी नेताओं को इस पाप का भागीदार बताया है।
वहीं इस मामले में जब इंदौर की रेसीडेंसी कोठी में गुरुवार को बैठक हुई तो सब नेतागण एक दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए। यह बैठक प्रदेश के अपर मुख्य सचिव एसीएस संजय दुबे ने बुलाई थी। यहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अधिकारियों पर सारे ठीकरा फोड़ते नजर आए उन्होंने कहा कि वे सुनते ही नहीं हैं, वे काम ही नहीं करना चाहते। महापौर ने साफ कहा कि छोटे मोटे कामों के लिए भी कई बार फोन करना पड़ता है। इतना ही नहीं कलेक्टर शिवम वर्मा पर महापौर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मैंने आपको 2 दिन पहले बताया था कि भागीरथपुरा में डायरिया के मरीज मिले हैं लेकिन आपने कुछ नहीं किया। अगर उस समय सक्रिय हो जाते तो हालात इतने नहीं बिगड़ते।
इस दौरान पूर्व मंत्री व विधायक महेंद्र हार्डिया ने कहा कि इंदौर में एक दो जगह नहीं बल्कि पूरे इंदौर की कई बस्तियों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। इससे भागीरथपुरा ही नहीं बल्कि पूरा शहर प्रभावित हो सकता है। उन्होंने अपनी विधानसभा इंदौर 5 का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के हर वार्ड में कम से कम सात-आठ जगहों पर दूषित पानी की शिकायत हैं। उन्होंने अपने इलाके की कैलाश पार्क कॉलोनी, मूसाखेड़ी, बड़ी ग्वालटोली, रामकृष्ण आदि के नाम गिनाए जहां दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाए कि दूषित पानी की ढेरों शिकायते नगर निगम के पास जम है। इसके लिए बड़े स्तर पर काम होने की जरूरत है। इतना ही नहीं विधायक महेंद्र हार्डिया ने भी अधिकारियों के रवैए पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि यह बात सच है कि अधिकारी फोन तक नहीं उठाते।