Edited By meena, Updated: 11 May, 2026 05:36 PM

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कुछ अहम और बढ़ी अपीलें की हैं। इनमें वर्क फ्रॉम होम, सोना खरीदने समेत पेट्रोल डीजल जैसी रोजमर्रा...
डेस्क : पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कुछ अहम और बढ़ी अपीलें की हैं। इनमें वर्क फ्रॉम होम, सोना खरीदने समेत पेट्रोल डीजल जैसी रोजमर्रा की अहम जरूरतों के बारे में अपील की गई है। यह सारी अपीले भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करने के नजरिए से की गई है। पीएम मोदी ने अपील के जरिए स्पष्ट कहा है कि हर देशवासी को आने वाली खराब स्थिति के लिए अभी से तैयार होना होगा। 10 मई को प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा है कि यह समय थोड़ी समझदारी और जिम्मेदारी दिखाने का है। अगर आम नागरिक रोजमर्रा की आदतों में छोटे बदलाव करें, तो देश बड़े आर्थिक झटकों से खुद को बचा सकता है।
जानें वो 7 अपीलें कौन कौन सी है...
1.पेट्रोल-डीजल कम खर्च करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जितना हो सके पेट्रोल-डीजल कम खर्च करें। जितना पेट्रोल डीजल जलेगा, उतना ही देश का विदेशी मुद्रा खर्च कम होगा।
2. वर्क फॉर्म होम कर सकते हैं तो इसे तरजीह दें
पीएम मोदी ने दूसरी अपील करते हुए कहा कि अगर ऑफिस या काम के लिए गाड़ी जरूरी है, तो अकेले सफर करने के बजाय कारपूलिंग यानी कि एक ही रास्ते पर जाने वाले लोग साथ सफर करें या फिर Work From Home अपनाएं। इससे इससे ईंधन की खपत घटेगी और ट्रैफिक कम होगा।
3. एक साल तक सोना न खरीदें
तीसरी और अहम अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अभी एक साल तक गोल्ड ना खरीदे। जी हां पीएम मोदी ने लोगों से कि फिलहाल गैर-जरूरी सोने की खरीदारी कम करें। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी
4. EV और रेलवे को बढ़ावा दें
प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने और माल ढुलाई के लिए रेलवे का ज्यादा इस्तेमाल करने की बात कही है। इससे डीजल की खपत कम हो सकती है और ट्रांसपोर्ट लागत में कमी आएगी।
5.विदेश यात्रा फिलहाल टालने की अपील
प्रधानमंत्री ने गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को कुछ समय के लिए टालने का सुझाव दिया है। इसका सीधा कनेक्शन विदेशी मुद्रा खर्च होती है। जब लोग विदेश घूमने जाते हैं, तो डॉलर और विदेशी मुद्रा खर्च होती है. ग्लोबल संकट के दौर में भारत के लिए विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत रखना जरूरी माना जा रहा है ताकि जरूरी आयात जैसे कच्चा तेल और दवाइयां भी प्रभावित ना हो सकें.
6. खाने के तेल के इस्तेमाल को कम करने को क्यों कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "ऐसे ही खाने के तेल का भी है। इसके आयात के लिए भी बहुत बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा ख़र्च करनी पड़ती है। हर खाने में तेल के उपयोग में कुछ कमी करें तो वो भी देशभक्ति का काम है। इससे देश सेवा भी होगी और देह सेवा भी होगी। इससे देश के ख़ज़ाने का स्वास्थ्य भी सुधरेगा और परिवार के लोगों का भी स्वास्थ्य सुधरेगा।"
7. फ़र्टिलाइज़र्स को लेकर क्या कहा?
7वीं और सबसे अहम अपील किसानों से हैं। पीएम मोदी ने देश के किसानों से अपील की कि केमिकल फ़र्टिलाइज़र्स पर अपनी निर्भरता कम करें। भारत दुनिया के सबसे बड़े फ़र्टिलाइज़र्स (उर्वरक) उपभोक्ताओं में है। यूरिया, डीएपी, पोटाश, और इनके कच्चे माल का बड़ा हिस्सा भारत आयात करता है। इनकी कीमतें प्राकृतिक गैस, कच्चे तेल, और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ी होती हैं।
पीएम मोदी की इन अपीलों के बाद कई सेक्टर्स में खासा असर देखने को मिला। सोमवार 11 मई को टाइटन, सेंको गोल्ड और दूसरे ज्वेलरी स्टॉक्स में 10 % तक की गिरावट आई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 मई को सुबह 9.50 बजे, टाइटन के शेयर्स 7 परसेंट गिरकर निफ्टी के टॉप लूजर बन गए। मार्च तिमाही के नतीजों के बाद शुक्रवार को अपने ऑल-टाइम हाई लेवल को छूने के बाद स्टॉक में गिरावट आई। कल्याण ज्वैलर्स, सेंको गोल्ड, PC ज्वैलर जैसे दूसरे ज्वेलरी स्टॉक्स 5 फीसदी से 10 परसेंट नीचे ट्रेड कर रहे थे।