Edited By Himansh sharma, Updated: 06 May, 2026 05:40 PM

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घरों पर बुलडोजर चलने की आशंका ने बैतूल जिले के आमला तहसील के ग्राम हरन्या में हड़कंप मचा दिया है।
बैतूल: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घरों पर बुलडोजर चलने की आशंका ने बैतूल जिले के आमला तहसील के ग्राम हरन्या में हड़कंप मचा दिया है। यहां 17 गरीब परिवारों को अचानक मकान खाली करने का नोटिस थमा दिया गया, जिससे उनके सिर से छत छिनने का खतरा पैदा हो गया है।
बिना जांच नोटिस देने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा जारी नोटिस में उनके मकानों को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण” बताया गया है और ध्वस्तीकरण के आदेश दे दिए गए हैं। जबकि प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां आबादी भूमि पर रह रहे हैं और बिना सही जांच के कार्रवाई की जा रही है।
‘यही घर ही जिंदगी का सहारा’
इन 17 परिवारों में अधिकतर दिहाड़ी मजदूर, गरीब और विधवा महिलाएं शामिल हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला यह घर ही उनका एकमात्र सहारा है। अचानक नोटिस मिलने के बाद वे दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
72 में से सिर्फ 17 को क्यों निशाना?’
ग्रामीणों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस जमीन पर करीब 72 परिवार रह रहे हैं, वहां सिर्फ 17 परिवारों को ही नोटिस दिया गया है। इससे कार्रवाई की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
2019 में नियमितीकरण का दावा
ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2019 में इस जमीन के नियमितीकरण के आदेश अपर कलेक्टर स्तर से जारी किए गए थे, लेकिन तहसील स्तर पर प्रक्रिया अधूरी रह गई। अब कुछ प्रभावशाली लोगों की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर ने दिया भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैतूल कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि बिना जांच कोई कार्रवाई नहीं होगी। पहले पूरे मामले की जांच की जाएगी, उसके बाद ही नियमों के अनुसार फैसला लिया जाएगा।अब सवाल ये है: क्या सच में गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर चलेगा, या जांच के बाद उन्हें राहत मिलेगी? फिलहाल 17 परिवारों की उम्मीदें प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं।