Edited By Desh Raj, Updated: 12 Apr, 2026 11:22 PM

अमेरिका ईजराइल-ईरान युद्ध के दौरान भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर एक उलट तस्वीर देखने को मिल रही है। युद्ध की आहट और बढ़ते तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।
(डेस्क): अमेरिका ईजराइल-ईरान युद्ध के दौरान भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर एक उलट तस्वीर देखने को मिल रही है। युद्ध की आहट और बढ़ते तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। आमतौर पर वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और युद्ध की स्थिति में निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं, जिससे कीमतों में भारी उछाल आता है। लेकिन मौजूदा स्थिति में हालत अलग हैं।
ऑल-टाइम हाई से दामों में भारी गिरावट
यह स्थिति चौंकाने वाली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। जहां MCX पर 2.02 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई से सोना करीब 50,000 रुपए सस्ता हो चुका है वहीं चांदी 4.39 लाख रुपए प्रति किलो पर जाने के बाद अब तक 1.96 लाख रुपए तक टूट चुकी है।
युद्ध के 40 दिनों में क्या हुआ सोना चांदी के हाल
28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत से लेकर 10 अप्रैल तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कीमतों मे गिरावट देखी जा सकती है..
28 फरवरी जहां सोना प्रति दस ग्राम 1,64,730 रुपए था वही 10 अप्रैल को 1,50,305 रुपए पर आया है। वैसे ही चांदी 28 फरवरी को 2,55,000 रुपए प्रति किलो था जो 10 अप्रैल को 2,39,934 रुपए पर आ चुका है। दरअसल बीते सप्ताह जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबरें आईं थी तो कीमतों में मामूली सुधार देखा गया था लेकिन शर्तों पर सहमति न बनने के कारण शांति वार्ता विफल हो गई है। तकरार अभी भी जारी है, जिससे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध और आक्रामक रूप लेता है, तो लिक्विडिटी की कमी या मार्जिन कॉल की वजह से सोने-चांदी की कीमतों में और भी गिरावट देखी जा सकती है। फिलहाल बाजार "वेट एंड वॉच" की स्थिति में है। लिहाजा स्थिति कुछ ऐसी ही बनी है।