Gold Silver Price Crash: फिर हैरतअंगेज तरीके से गिर गए सोना-चांदी के भाव, यहां पहुंच गई कीमत

Edited By Desh Raj, Updated: 23 Mar, 2026 03:45 PM

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लगातार सोने औऱ चांदी के दामों में भारी गिरावट जारी है। पिछले कारोबारी हफ्ते के बाद आज सोमवार को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली है।

(डेस्क): लगातार सोने औऱ चांदी के दामों में भारी गिरावट जारी है। पिछले कारोबारी हफ्ते के बाद आज सोमवार को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली है।

सोना करीब 12,000 रुपये टूटकर 1,33,000 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी 26,000 रुपये से ज्यादा गोता लगाकर 2,03,000 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच चुका है। इतनी भारी गिरावट के साथ ही निवेशकों के भी होश उड़ गए।  डॉलर की मजबूती, मध्य पूर्व युद्ध के बीच  वैश्विक तनाव और मुनाफावसूली के कारण बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई।

आज 23 मार्च को सर्राफा बाजार में जबरदस्त उथल पुथल देखने को मिली। सोना और चांदी की कीमतों तो मानो धरातल पर आ गई।  इस  ऐतिहासिक गिरावट के  साथ ही आशंका का माहौल बन गया है। कीमती धातुओं में अचानक आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बिकवाली का दबाव इतना अधिक रहा कि चांदी में लोअर सर्किट तक लग गया।

कारोबार के शुरुआती घंटों में ही सोने की कीमतों में भारी टूट देखने को मिली। हाल ही में 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार करने वाला सोना गिरकर करीब 1,33,000 रुपये पर आ गया। इस तरह से  एक ही दिन में सोने की कीमतों में 12,000 रुपये से अधिक की कमी दर्ज की गई, जो करीब 7.7% की बड़ी गिरावट को प्रदर्शित करती है।

चांदी की गिरावट ने तो हैरान कर दिया

वहीं बात चांदी की कीमतों की करें तो इससे भी बहुत बड़ी गिरावट देखने को मिली है। कुछ दिन पहले 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुचने वाली चांदी के हाल बेहाल हो गए। चांदी गिरकर लगभग 2,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इसमें 26,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो 10% से ज्यादा की कमी दर्शा रही है।

गिरावट का कारण

वहीं इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि  यह गिरावट केवल सामान्य उतार-चढ़ाव नहीं हैं बल्कि एक तरह का बाजार क्रैश है। जिसके लिए कई कारण जिम्मेवार हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव , कच्चे तेल की कीमतों का 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचना, जैसे कारकों ने  वैश्विक स्तर पर महंगाई और ब्याज दरों के बढ़ने की आशंका बढ़ा दी है। फिलहाल, बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और विशेषज्ञ सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। आने वाले दिन तय करेंगे कि स्थिति क्या रहने वाली है।

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