गुप्त नवरात्रि आज से शुरू, 9 दिन तक होगी मां की आराधना

Edited By meena, Updated: 30 Jun, 2022 01:52 PM

gupt navratri starts from today mother will be worshiped for 9 days

हिंदू धर्म के अनुसार साल में चार नवरात्रि होते हैं। इनमें चैत्र और आश्विन महीने में प्रकट नवरात्रि होती है। वहीं, माघ और आषाढ़ महीने में आने वाली नवरात्रि को गुप्त कहा जाता है। त्रिपुष्कर समेत कई शुभ संयोगों में शक्ति की साधना का पर्व गुप्त नवरात्रि...

उज्जैन(विशाल सिंह): हिंदू धर्म के अनुसार साल में चार नवरात्रि होते हैं। इनमें चैत्र और आश्विन महीने में प्रकट नवरात्रि होती है। वहीं, माघ और आषाढ़ महीने में आने वाली नवरात्रि को गुप्त कहा जाता है। त्रिपुष्कर समेत कई शुभ संयोगों में शक्ति की साधना का पर्व गुप्त नवरात्रि आज यानी गुरुवार से शुरू हो जाएगा। आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकम गुरूवार 30 जून से गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हुआ है, जिसका समापन महानंदा शुक्रवार आठ जुलाई को होगा। इस 9 दिनों में देवी मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। मां के भक्त नवरात्रि में विशेष आराधना भी करेंगे।

गुप्त नवरात्रि में होती है गुप्त साधना 
हिंदू धर्म में गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इसमें साधक अपनी साधना को गुप्त रखता है। माना जाता है कि साधना और मनोकामना को जितना गोपनीय रखा जाए, सफलता उतनी अधिक मिलती है। यह नवरात्रि तंत्र-मंत्र को सिद्ध करने वाली मानी गई है। कहा जाता है कि गुप्त नवरात्र में की जाने वाली पूजा से कई कष्टों से मुक्ति मिलती है। गुप्त नवरात्रि में देवी के नौ स्‍वरूपों और दस महाविद्याओं का पूजन-अनुष्‍ठान किया जाता है। साधक तांत्रिक महाविद्याओं को सिद्ध करने के लिए भी गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना करते हैं।
गुप्त नवरात्रि की तिथि
गुप्त नवरात्रि 30 जून से शुरू होकर 8 जुलाई को समाप्त होगी। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा की जाएगी। यह प्रतिपदा (पहले दिन) से आषाढ़ में शुक्ल पक्ष की नवमी (नौवें दिन) तक मनाया जाता है। यह भक्तों द्वारा अत्यंत भक्ति और उत्साह के साथ मनाए जाने वाले महत्वपूर्ण उत्सवों में से एक है। इस दौरान सात्विक भोजन करना और शक्ति और ज्ञान के लिए देवी से प्रार्थना करना महत्वपूर्ण है।

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9 दिवसीय उपवास
कुछ भक्त आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के दौरान उपवास भी रखते हैं। हालांकि यह अन्य दो मुख्य नवरात्रों जितना महत्वपूर्ण नहीं है। भक्त दिन में एक बार सात्विक भोजन करेंगे। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि अवधि के दौरान, हिंदू भक्त देवी दुर्गा को समर्पित मंत्रों का जाप करते हैं।
माता को लगाएं यह भोग
नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि के पहले दिन सफेद चीजें और गाय के घी से बनी मिठाई का भोग लगाना चाहिए। इस दिन मां के चरणों में गाय का घी चढ़ाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
माता की आराधना
नवरात्रि के पवित्र दिनों में, देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। ये हैं- मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्री, महागौरी और सिद्धिदात्री। गुप्त नवरात्रि के पहले दिन भक्त देवी पार्वती के एक अवतार शैलपुत्री की पूजा करते हैं।

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गुप्त नवरात्रि कार्यक्रम इस प्रकार है:
दिन 1: प्रतिपदा: शैलपुत्री पूजा
दिन 2: द्वितीया: ब्रह्मचारिणी पूजा
दिन 3: तृतीया: चंद्रघंटा पूजा
दिन 4: चतुर्थी: कुष्मांडा पूजा
दिन 5: पंचमी: स्कंदमाता पूजा
दिन 6: षष्ठी: कात्यायनी पूजा
दिन 7: सप्तमी: कालरात्रि पूजा
दिन 8: अन्नपूर्णा अष्टमी: महागौरी पूजा
दिन 9: नवमी: सिद्धिदात्री पूजा

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