Edited By Vikas Tiwari, Updated: 01 Feb, 2026 06:35 PM

नीमच जिले में रविवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और मक्का के आकार के ओलों ने जिले के कई गांवों में भारी तबाही मचाई। करीब 10 से 30 मिनट की ओलावृष्टि ने अफीम और गेहूं की फसल को पूरी तरह चौपट कर दिया।
नीमच (मूलचंद खींची): नीमच जिले में रविवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और मक्का के आकार के ओलों ने जिले के कई गांवों में भारी तबाही मचाई। करीब 10 से 30 मिनट की ओलावृष्टि ने अफीम और गेहूं की फसल को पूरी तरह चौपट कर दिया।
ओलों की मार से अफीम के पौधे टूटकर जमीन पर गिर गए, जबकि गेहूं की खड़ी फसल लेट गई। सबसे ज्यादा नुकसान पालसोडा, जीरन, भंवरासा, झार्डा, हर्कियाखाल, गोपालपुरा और सेमली मेवाड़ क्षेत्र में दर्ज किया गया है। फसल बर्बाद होने से किसान सदमे में हैं और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
सड़क पर बिछी बर्फ, शिमला जैसा नजारा
पालसोडा से भंवरासा फंटे को जोड़ने वाली सड़क पर ओलों की मोटी परत जम गई। सड़क पर बर्फ की चादर बिछने से नजारा शिमला जैसा दिखाई दिया। राहगीर और ग्रामीण इस दृश्य को देखकर हैरान रह गए।
अफीम की फसल पर सबसे बड़ा प्रहार
नीमच जिले में प्रदेश की सबसे ज्यादा अफीम की खेती होती है। इस समय फसल में फूल आ रहे थे और पौधे पूरी तरह विकसित थे। ऐसे में मक्का से भी बड़े ओले पौधे सहन नहीं कर पाए और बड़ी संख्या में टूट गए। गेहूं की फसल को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
10 KM का अंतर, मौसम का अलग मिजाज
रविवार को नीमच शहर में मौसम लगभग सूखा रहा, जबकि महज 10 किलोमीटर दूर हर्कियाखाल फंटे और आसपास के इलाकों में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई। शहरवासियों को तब तबाही का अंदाजा हुआ जब ग्रामीण इलाकों के वीडियो और तस्वीरें सामने आईं।