Edited By Desh sharma, Updated: 21 Jan, 2026 05:56 PM

मध्य प्रदेश में समय समय पर ऐसे काम होते रहते हैं कि कोई भी हैरान रह जाए। अब पुलिस ने कुछ ऐसा कारनामा कर दिया है जो चर्चा का विषय बन गया है। भोपाल शहर की पुलिस अपनी कार्यप्रणाली की वजह से सुर्खियों में आ गई है।
(भोपाल): मध्य प्रदेश में समय समय पर ऐसे काम होते रहते हैं कि कोई भी हैरान रह जाए। अब पुलिस ने कुछ ऐसा कारनामा कर दिया है जो चर्चा का विषय बन गया है। भोपाल शहर की पुलिस अपनी कार्यप्रणाली की वजह से सुर्खियों में आ गई है।ताजा मामला जो सामने आया है उसने पुलिस की ऐसी लापरवाही सामने ला दी है जिसने पूरे सिस्टम पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
गवाह की कमी पूरी करने के लिए चायवाले के बना दिया गवाह
दरअसल पुलिस ने चार्जशीट में गवाहों की कमी पूरी करने के लिए चाय की दुकान करने वाले एक दुकानदार को ही गवाह बना डाला और हद पार कर दी। हैरानी की बात ये कि खुद गवाह को भी इस मामले की जानकारी नहीं थी कि वो गवाह बनाया जा चुका है।
कोर्ट से नोटिस आने के बाद पता चली गवाह बनने की जानकारी
बल्लभ नगर के रहने वाले धर्मेंद्र सिंह को जब इस बात की भनक लगी तो उनके भी पैरों तले जमीन खिसक गई। धर्मेंद्र सिंह को जब इस बात का पता चला कि वो किसी आपराधिक मामले में गवाह बनाए जा चुके हैं तो उनकी हैरानी का ठिकाना नहीं रहा। धर्मंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने उन्हें 2019 के एक मारपीट मामले में गवाह बनाया है। धर्मेंद्र खुद के गवाह बनाए जाने की जानकारी कोर्ट से नोटिस आने के बाद पता चली।
दरअसल 5 जनवरी को धर्मेंद्र सिंह के पास कोर्ट से समन पहुंचा। जिसमें लिखा था कि वह वर्ष 2019-20 अक्टूबर में हुए एक मारपीट के मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से गवाह हैं और इस मामले को लेकर उन्हें अदालत में पेश होना है। धर्मेंद्र का कहना है कि उन्होंने कभी भी ऐसे मामले में पुलिस को कोई बयान दिया था। धर्मेंद्र का कहना है कि उनकी एमपी नगर इलाके में चाय की दुकान है। इस केस का उनका कोई लेना-देना नहीं है। वही मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने कहा है कि इसको लेकर जांच की जाएगी और जो भी इसके पीछे दोषी है उस पर एक्शन किया जाएगा।