जनसुनवाई में कलेक्टर बिजली अधिकारी से बोले-शख्स के घर का बिजली कनेक्शन जोड़ दो,अधिकारी बोला- इसने बिल जमा नहीं किया,गोली मारने की धमकी देता है

Edited By Desh Raj, Updated: 16 Jun, 2026 07:34 PM

heated exchange in collector and electricity officials during the public hearing

दमोह कलेक्ट्रेट में मंगलवार को चल रही जनसुनवाई में एक फरियादी की वजह से दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और बिजली कंपनी के अधिकारियों के बीच तीख़ी बातचीत से जनसुनवाई में कुछ देर के लिए माहौल गरम हो गया ।

दमोह (इम्तियाज़ चिश्ती): दमोह कलेक्ट्रेट में मंगलवार को चल रही जनसुनवाई में एक फरियादी की वजह से दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और बिजली कंपनी के अधिकारियों के बीच तीख़ी बातचीत से जनसुनवाई में कुछ देर के लिए माहौल गरम हो गया ।यह तनाव एक उपभोक्ता के घर की बिजली काटने और उसे तत्काल जोड़ने के कलेक्टर के निर्देश के बाद शुरू हुआ। दमोह कलेक्टर अपनी अलग तरह की कार्यशैली के लिए जाने जाते है।  उसी अंदाज़ में प्रशासनिक मुखिया दमोह कलेक्टर ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को उपभोक्ता की लाइट तत्काल जोड़ने के निर्देश दिये थे ।

अधिकारियों ने दिया नियमों की हवाला

बात तब बिगड़ गई जब अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि बिल जमा किए बिना लाइट नहीं जोड़ पाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नियमों से बंधे हैं हुए हैं और बकाया बिल का भुगतान होने तक कनेक्शन बहाल नहीं किया जा सकता।

 मामला जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के मोहरा गांव का है, उपभोक्ता कलेक्टर से शिकायत करने आया था । उपभोक्ता आनंद सिंह लोधी ने कलेक्टर को आवेदन दिया था। उन्होंने बताया कि उनकी राइस मिल का बिजली बिल बकाया था, लेकिन बिजली कंपनी ने उनके घर की बिजली काट दी। इस पर बिजली कंपनी के अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई पक्ष रखते हुए बताया कि नियम के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता पर बिजली बिल बकाया है और उसके घर के किसी सदस्य के नाम पर दूसरा बिजली कनेक्शन है, तो उस घर की बिजली काटी जा सकती है।

अधिकारियों ने बताया कि आनंद सिंह की पत्नी लक्ष्मीबाई के नाम पर राइस मिल का बिजली कनेक्शन है, जबकि उनके पति आनंद सिंह के नाम पर घरेलू कनेक्शन है। राइस मिल का बिल बकाया होने के कारण ही उनके घर की बिजली काटी गई थी। 

आवेदक ने कलेक्टर को बताया कि बिजली कंपनी के द्वारा राइस मिल का एक माह का बिजली बिल 1 लाख 69000 दिया गया था। इस मामले को उपभोक्ता फोरम में लगाया तो वहां बिजली कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि चार लाख रुपए बिजली बिल बकाया है। उपभोक्ता फोरम ने हमारे आवेदन पर सुनवाई की और 58000 बिजली बिल भरने के लिए कहा, लेकिन 3 माह पहले बिजली कंपनी के अधिकारियों ने हमारे घर की लाइट काट दी।

कार्यपालन अभियंता (EE) एम.एल. साहू ने  उपभोक्ता पर लगाया गंभीर आरोप

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के द्वारा बिजली कंपनी के अधिकारियों को तत्काल घर की लाइट जोड़ने के लिए निर्देशित किया गया, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि वह लाइट नहीं जोड़ पाएंगे। मामले में नया मोड़ तब आया जब कार्यपालन अभियंता (EE) एम.एल. साहू ने कलेक्टर के समक्ष विभाग का पक्ष रखते हुए उपभोक्ता पर गंभीर आरोप लगाए। ।  उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के द्वारा घर का बिजली कनेक्शन काटने का आवेदन जनसुनवाई में दिया गया है। इसके द्वारा बिजली ट्रांसफार्मर पर कब्जा किया गया है। मीटर वाचक रीडिंग लेने नहीं जा पाता और जब पिछले दिनों हम लोग ट्रांसफार्मर की जांच करने गए तो हमें गोली मारने की धमकी दी गई। जिसका आवेदन भी हम लोगों ने पुलिस थाने में दिया है।

 

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