मेरा काम कर, नहीं तो मार डालूंगा'... भाजपा नेता पर इंजीनियर को धमकी देने का आरोप, केस दर्ज

Edited By Himansh sharma, Updated: 27 Jun, 2026 12:36 PM

engineer alleges death threat by bjp leader in rajgarh

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की खिलचीपुर जनपद पंचायत से एक ऐसा मामला सामने आया है

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की खिलचीपुर जनपद पंचायत से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रभारी सहायक यंत्री एवं उपयंत्री विनय कुशवाह की शिकायत पर भाजपा समर्थित जनपद अध्यक्ष के प्रतिनिधि और पति सुनील नैनावद के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप है कि उन्हें जनपद अध्यक्ष कक्ष में बुलाकर न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी गई।

'सड़कें पास करो, नहीं तो मार डालूंगा'

शिकायत के अनुसार, 25 जून को विनय कुशवाह जनपद पंचायत कार्यालय में नियमित शासकीय कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सुनील नैनावद का फोन आया और जनपद अध्यक्ष कक्ष में बुलाया गया। आरोप है कि वहां पहुंचने पर ग्राम पंचायतों की सुदूर सड़क निर्माण संबंधी फाइलों को प्राथमिकता से स्वीकृत करने का दबाव बनाया गया। जब उपयंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य नियमानुसार ही किए जाएंगे, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। शिकायत में दावा किया गया है कि इसी दौरान सुनील नैनावद ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए कहा, मेरा काम कर, सड़कें पास कर... नहीं तो मार डालूंगा।

शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR

घटना के बाद उपयंत्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी विवादों में आ चुका है नाम

यह पहला मौका नहीं है जब सुनील नैनावद का नाम किसी विवाद से जुड़ा हो। इससे पहले भी खिलचीपुर जनपद पंचायत में सहायक यंत्री मिथुन शाक्य के साथ विवाद का मामला सामने आया था, जिसमें शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज हुआ था। उस समय जिले के उपयंत्रियों ने विरोध जताते हुए कार्य बहिष्कार और हड़ताल की चेतावनी भी दी थी। ऐसे में एक बार फिर सामने आया यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

आरोपों से किया इनकार

वहीं, सुनील नैनावद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने केवल पहले से स्वीकृत सुदूर सड़क परियोजनाओं की फाइलों को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा के लिए अधिकारी को बुलाया था। उनके मुताबिक किसी तरह की धमकी या अभद्र व्यवहार नहीं किया गया, बल्कि बातचीत के दौरान अधिकारी ने ही अनुचित व्यवहार किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विश्वास जताया कि सच्चाई सामने आ जाएगी।

जनपद अध्यक्ष सीमा नैनावद ने भी अपने पति का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से इस मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके पति ने किसी अधिकारी के साथ अभद्रता नहीं की और जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। एक ओर सरकारी अधिकारी ने दबाव, अभद्रता और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। ऐसे में अब इस मामले में पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्य ही तय करेंगे कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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