Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Jun, 2026 01:12 PM

जिला अस्पताल के मेल मेडिकल वार्ड में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब ड्रिप लगाने को लेकर ड्यूटी नर्स और दो युवकों के बीच तीखा विवाद हो गया।
मुरैना। (रोहित शर्मा): जिला अस्पताल के मेल मेडिकल वार्ड में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब ड्रिप लगाने को लेकर ड्यूटी नर्स और दो युवकों के बीच तीखा विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद मामला अस्पताल चौकी से होते हुए कोतवाली थाने तक पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार, वार्ड में उस समय एक गंभीर मरीज का इलाज चल रहा था। इसी दौरान एक अन्य मरीज के परिजन वहां पहुंचे और अपने मरीज को पहले ड्रिप लगाए जाने की मांग करने लगे। ड्यूटी नर्स ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर गंभीर मरीज के इलाज की बात कही, जिस पर विवाद शुरू हो गया।
खुद को भाजपा नेता बताने और धमकी देने का आरोप
नर्स का आरोप है कि इस दौरान दोनों युवकों ने खुद को भाजपा नेता बताते हुए कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के साथ तस्वीर दिखाकर दबाव बनाने की कोशिश की। आरोप यह भी है कि युवकों ने अभद्र टिप्पणी की और यहां तक कहा कि “नौकरी से निकलवा दूंगा। वहीं, नर्स ने यह भी कहा कि जब स्थिति तनावपूर्ण हो गई और वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की गई, तो वह मानसिक दबाव में आ गईं।
वीडियो बनाते समय बढ़ा विवाद, फेंकी गई ड्रिप बोतल
दूसरी ओर, युवकों का आरोप है कि नर्स ने इलाज में लापरवाही की और उचित व्यवहार नहीं किया। उनका कहना है कि शिकायत करने और वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू करने पर नर्स ने आपा खो दिया और ड्रिप की बोतल फेंक दी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
अस्पताल प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश
घटना पर सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अस्पताल में पहले से भर्ती मरीज की तुलना में एक गंभीर मरीज को तत्काल प्राथमिकता देना चिकित्सकीय नियमों के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि स्टाफ की कमी भी एक बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगा कि गलती किस पक्ष की है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। किसी भी पक्ष के नाम आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं। वहीं, घटना के बाद अस्पताल में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। यह मामला अब अस्पताल की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों की प्राथमिकता व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।