Edited By Himansh sharma, Updated: 23 May, 2026 07:37 PM

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप-2 मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है।
इंदौर: मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप-2 मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस ने सागर निवासी भाजपा के एक मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष रेशु चौधरी और इंदौर पुलिस की इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ एक आरक्षक को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी महिला के कुछ प्रभावशाली राजनीतिक लोगों से करीबी संबंध होने के दावे किए जा रहे हैं, जिनमें एक भाजपा विधायक और एक केंद्रीय मंत्री से संपर्क की बात भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक किसी जनप्रतिनिधि की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी महिला लंबे समय से राजनीतिक और प्रभावशाली लोगों के संपर्क में थी और इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही थी। जांच में यह भी सामने आया है कि वह राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहती थी और विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा में थी।
क्राइम ब्रांच की जांच में एक संगठित हनीट्रैप नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है, जिसमें प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर कथित रूप से ब्लैकमेल किए जाने का एंगल सामने आया है। पुलिस को मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस से कई वीडियो, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
ताजा जानकारी के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नेटवर्क का दायरा मध्यप्रदेश से बाहर अन्य राज्यों तक फैला था या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधियों के नाम भी जांच के दौरान सामने आए हैं, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल बैंक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।