Edited By Desh sharma, Updated: 13 Jan, 2026 09:18 PM

जनसुनवाई में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पीड़ित महिला ने कलेक्टर के सामने इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग कर दी। महिला का आरोप है कि वह लगातार अत्याचार, धमकी और पुलिस की उदासीनता से इतनी परेशान हो चुकी है कि अब जीना नहीं चाहती।
मंडला (अरविंद सोनी): जनसुनवाई में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पीड़ित महिला ने कलेक्टर के सामने इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग कर दी। महिला का आरोप है कि वह लगातार अत्याचार, धमकी और पुलिस की उदासीनता से इतनी परेशान हो चुकी है कि अब जीना नहीं चाहती। मामला मंडला जिले के नैनपुर नगर के वार्ड नंबर 14, सीताराम टोला का है। पीड़िता प्रभा ठाकुर ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को आवेदन सौंपा ।
हर महीने टार्चर किया जाता है- महिला का आरोप
पीड़िता प्रभा ठाकुर ने बताया कि वह कुछ लोगों के लगातार अत्याचार और धमकियों से मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी हैं। महिला का आरोप है कि अजुर्न नरवरे और शिवचरण नरवरे द्वारा उसके साथ गंभीर घटनाएं की गईं। 19 दिसंबर 2025 को हुई घटना की लिखित शिकायत नैनपुर थाना में दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का यह भी आरोप है कि नैनपुर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद साव ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया।
आरोपियों की धमकी, बोले- कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता
महिला का कहना है कि आरोपी खुलेआम यह कहते हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पीड़िता ने बताया कि वह और उसका परिवार गरीब मजदूर हैं और लगातार मिल रही धमकियों के कारण भय और दहशत में जीने को मजबूर हैं। रातों की नींद उड़ चुकी है और मानसिक तनाव चरम पर है। इन्हीं परिस्थितियों से परेशान होकर महिला ने राष्ट्रपति को भी पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है और अब जनसुनवाई में कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर मामले में समय रहते हस्तक्षेप करेगा या एक पीड़ित परिवार की गुहार यूं ही अनसुनी रह जाएगी।