Edited By Himansh sharma, Updated: 28 Jan, 2026 11:27 PM

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में हालिया आईपीएस प्रमोशन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में हालिया आईपीएस प्रमोशन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कवर्धा के पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मेंद्र सिंह ने प्रमोशन प्रक्रिया में भेदभाव और अन्याय का गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखा है। एसपी का कहना है कि उनके ही बैच के कई अधिकारी डीआईजी बन गए, लेकिन उन्हें जानबूझकर प्रमोशन से वंचित रखा गया।धर्मेंद्र सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी होने के बावजूद उन्हें न तो जूनियर स्केल मिला और न ही सीनियर स्केल का प्रमोशन दिया गया। जबकि 2012 बैच के अन्य कई अधिकारियों को डीआईजी जैसे अहम पदों पर पदोन्नत कर दिया गया।
SP का दावा: नियमों के खिलाफ रोका गया प्रमोशन
कवर्धा एसपी ने कहा कि उनके खिलाफ मध्यप्रदेश से जुड़ा एक पुराना मामला बताया जा रहा है, जो पहले ही समाप्त हो चुका था, सिर्फ कोर्ट की औपचारिक मंजूरी बाकी थी। इसके बावजूद जांच लंबित बताकर प्रमोशन रोक दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उसी बैच के अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी इसी तरह के मामले थे, फिर भी उन्हें प्रमोट कर दिया गया।
धर्मेंद्र सिंह ने भारत सरकार के प्रमोशन नियमों का हवाला देते हुए कहा कि
किसी अधिकारी का प्रमोशन तभी रोका जा सकता है, जब वह निलंबित हो, विभागीय जांच चल रही हो या कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हो। मैं इन तीनों ही श्रेणियों में नहीं आता, फिर भी मेरे तीन प्रमोशन रोक दिए गए।”
23 जनवरी को हुए प्रमोशन पर उठे सवाल
गौरतलब है कि 23 जनवरी को छत्तीसगढ़ में 16 आईपीएस अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया था।
2001 बैच के आनंद छाबड़ा ADG बने
2008 बैच के 4 अधिकारी IG बने
2012 बैच के 8 अधिकारी DIG प्रमोट हुए
वहीं 4 अफसर SSP बनाए गए
लेकिन इन्हीं प्रमोशनों के बीच कवर्धा SP का नाम सूची से बाहर रहना अब सवालों के घेरे में है।
2012 बैच के आईपीएस अधिकारी धर्मेंद्र सिंह छत्तीसगढ़ कैडर के अफसर हैं और वर्तमान में कवर्धा जिले के एसपी हैं।
नक्सल प्रभावित इलाकों में बच्चों की शिक्षा, सामाजिक पुलिसिंग और सकारात्मक पुलिस छवि को लेकर उनकी पहलें पहले भी चर्चा में रही हैं।
अब प्रमोशन को लेकर उनका यह पत्र पुलिस महकमे और सरकार—दोनों के लिए नई चुनौती बनता दिख रहा है।