40,000 हजार रूपए लेते बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर को पकड़ा, लोकायुक्त ने की बड़ी कार्रवाई

Edited By Vandana Khosla, Updated: 18 Jul, 2026 06:33 PM

junior engineer from the electricity department caught

इंदौर (सचिन बहरानी): मध्यप्रदेश के इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां बिजली कंपनी का एक जूनियर इंजीनियर रिश्वत के जाल में ऐसा फंसा कि नोट गिनते-गिनते सीधे लोकायुक्त के शिकंजे में आ गया। होटल की छत पर लगने वाले सोलर...

इंदौर (सचिन बहरानी): मध्यप्रदेश के इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। यहां बिजली कंपनी का एक जूनियर इंजीनियर रिश्वत के जाल में ऐसा फंसा कि नोट गिनते-गिनते सीधे लोकायुक्त के शिकंजे में आ गया। होटल की छत पर लगने वाले सोलर प्लांट की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर 80 हजार रुपये की डिमांड की गई थी। पहली किस्त के 40 हजार रुपये लेते ही लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया।

आपको बता दें कि भ्रष्टाचार पर लगातार प्रहार कर रही लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार को इंदौर में एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। सुखलिया जोन स्थित मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय में पदस्थ कनिष्ठ यंत्री नमेश कुमार भोंडेकर को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। शिकायत बिल्डर और होटल व्यवसायी शिवप्रकाश बसवाल ने लोकायुक्त से की थी।

शिकायत में आरोप था कि अम्बे नगर स्थित जीआर-7 होटल की इमारत पर सोलर पैनल लगाने की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में जूनियर इंजीनियर ने 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त ने पहले शिकायत का सत्यापन कराया।शिकायत सही मिलने के बाद पूरी रणनीति के साथ जाल बिछाया गया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की पहली किस्त 40 हजार रुपये अपने हाथ में ली, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। पूरी कार्रवाई से बिजली कंपनी के दफ्तर में हड़कंप मच गया।

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब यह जांच की जा रही है कि आरोपी ने पहले भी कितने लोगों से रिश्वत वसूली और इस पूरे खेल में कोई अन्य कर्मचारी शामिल तो नहीं है।

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