Edited By meena, Updated: 21 May, 2026 05:39 PM

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम व दिग्गज नेता कमलनाथ ने किसान सम्मान निधि को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कमलनाथ ने सरकार की करनी और कथनी में अंतर का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकारी योजना...
भोपाल : मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम व दिग्गज नेता कमलनाथ ने किसान सम्मान निधि को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कमलनाथ ने सरकार की करनी और कथनी में अंतर का आरोप लगाया है। उन्होंने किसान सम्मान निधि योजना से हटाए गए किसानों को तत्काल पुनः जोड़ने तथा गेहूं उपार्जन भुगतान में साइबर धोखाधड़ी के शिकार किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। कमलनाथ ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान सम्मान निधि योजना से तीन लाख से अधिक किसानों के नाम हटा दिए गए हैं
कमलनाथ ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार योजना का ढोल पीटती रहती है, लेकिन सच्चाई यह है कि मध्य प्रदेश में एक साल के अंदर किसान सम्मान निधि योजना से 3 लाख से ज़्यादा किसान कम हो गए हैं। वर्ष 2024-25 में जहां 86.49 लाख किसानों को योजना का लाभ मिल रहा था, वहीं वर्ष 2025-26 में लाभार्थियों की संख्या घटकर 83.01 लाख रह गई है।
इस तरह गुपचुप तरीके से 3 लाख से अधिक किसानों को योजना से बाहर कर दिया गया। यही नहीं 80,000 से अधिक किसानों की E KYC लंबित है जबकि 1.87 लाख किसानों के खाते आधार से लिंक नहीं हैं। इन किसानों के खाते में भी किश्त नहीं आ रही है। मेरी मांग है कि किसानों को परेशान करने के बजाय सभी पात्र किसानों को तत्काल राशि जारी की जाए।