मध्य प्रदेश: सीधी के संजय टाइगर रिजर्व में बाघिन की जहर देकर हत्या, 7 आरोपी गिरफ्तार

Edited By Jagdev Singh, Updated: 28 Oct, 2019 01:02 PM

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मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित संजय टाइगर रिजर्व के दुबरी अभ्यारण्य में बाघिन को जहर देकर मारने का मामला सामने आया है। वहीं पुलिस और वनविभाग की संयुक्त टीम ने बाघिन की हत्या के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर...

सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित संजय टाइगर रिजर्व के दुबरी अभ्यारण्य में बाघिन को जहर देकर मारने का मामला सामने आया है। वहीं पुलिस और वनविभाग की संयुक्त टीम ने बाघिन की हत्या के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। बाघिन की इस प्रकार मौत के मामले में टाइगर रिजर्व की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। मृतक बाघिन को कॉलर आईडी लगा हुआ था और उसकी लोकेशन दो महीने से नहीं मिल रही थी।

वहीं बाघिन की मौत की करीब पांच दिन पहले हुई है। वनविभाग के गश्तीदल को बाघिन टी-20 का शव जंगल में मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बाघिन को जहर देकर मारा गया है। वहीं टाइगर रिजर्व के अधिकारी पूरी घटना को नए सिरे से बता रहे हैं। बाघिन का सिर्फ कंकाल मिला है। इससे संभावना जताई जा रही है कि बाघिन की हत्या करीब 20 दिन पहले की गई थी।

टाइगर रिजर्व के सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने बताया है कि बाघिन के करीब 15 दिन पहले उनके पालतू जानवर का शिकार किया था। वहीं इससे आक्रोशित होकर उन्होंने बाघिन को ठिकाने लगाने का मन बना लिया। बाघिन को मारने के लिए उन्होंने मांस में जहर मिलाकर उस स्थान पर रख दिया जहां वो रोज शाम को आती थी। जहरीला मांस खाने से बाघिन की मौत हो गई।

बाघिन टी-20 को करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 25 मार्च 2018 को पन्ना टाइगर रिजर्व से लाया गया था। वहीं संजय टज्ञइगर रिजर्व क्षेत्र में यह टी-20 इकलौती ऐसी बाघिन थी जिसे कॉलर आईडी लगाई गई थी। बीते करीब दो महीने से टाईगर रिजर्व का अमला उसकी लोकेशन ट्रैस नहीं हो पा रही थी। इसके बाबजूद भी टाइगर रिजर्व के अधिकारी चुपचाप बैठे रहे।

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