Edited By Desh Raj, Updated: 18 Jul, 2026 10:51 PM

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है जिसकी काफी चर्चा हो रही है। दरअसल सरकार ने सरकारी खर्चों को कम करने के लिए बड़े निर्णय लिए हैं।
(भोपाल): मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है जिसकी काफी चर्चा हो रही है। दरअसल सरकार ने सरकारी खर्चों को कम करने के लिए बड़े निर्णय लिए हैं। सरकार ने सख्ती बरतते हुए अधिकारियों की सरकारी विदेशी यात्राओं पर रोक लगा दी है। यही नहीं अगले दो सालों तक अधिकारी इकोनॉमी क्लास में ही हवाई सफर कर सकेंगे. इसके साथ ही वित्त विभाग ने नई कंसल्टेंसी सेवाओं के अनुबंध पर भी रोक लगाकर खर्चे रोकने की दिशा में ब़ड़ा संदेश दिया है।
दरअसल अब मध्य प्रदेश सरकार खर्चों पर कंट्रोल करना चाहती है जिसके तहत ही ये फैसले लिए गए है। वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने और अनावश्यक खर्च कम करने के उद्देश्य से सभी विभागों, निगमों, मंडलों, और विश्वविद्यालयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी खर्च पर होने वाली विदेश यात्राओं पर अगले आदेश तक रोक रहेगी। सरकारी खर्च से छपने वाले कैलेंडर, वीआईपी गिफ्टों के साथ ही स्वागत समारोहों पर होने वाले खर्च भी बंद करने के आदेश जारी हुए है।
वित्त विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 में वित्त मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया है। सरकारी बैठकें, कार्यशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम होटलों या व्यवसायिक संस्थानों में नहीं आयोजित होगें। हवाई यात्रा करने वाले अधिकारी सिर्फ इकोनॉमी क्लास में ही चल सकेंगे। कार्यक्रम में किराए के वाहनों की संख्या भी सीमित रहेगी।
लिहाजा मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी खर्चों पर लगाम लगाने के लिए नई कॉस्ट कटिंग नीति लागू कर दी है। इसके तहत विदेश यात्राओं, वीआईपी खर्च के साथ ही महंगी बैठकों पर लगाम कसी गई है। सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि खर्चों पर नकेल लगाई जाएगी।