Edited By Himansh sharma, Updated: 14 Sep, 2026 12:32 PM

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया।
उज्जैन (विशाल सिंह): उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। सोमवार तड़के चार बजे भस्म आरती के लिए मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देव प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया।
जलाभिषेक के बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से बाबा महाकाल का अभिषेक किया गया। गणेश चतुर्थी के विशेष अवसर पर भगवान महाकाल को रजत आभूषण धारण कराए गए। बाबा को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित करने के बाद उनका गणेश स्वरूप में मनमोहक श्रृंगार किया गया।
भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं धारण कराई गईं। मोगरे और गुलाब के फूलों से सजे बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। गणेश स्वरूप में बाबा के दर्शन कर भक्त भाव-विभोर नजर आए।
भस्म आरती की परंपरा के अनुसार प्रथम घंटाल बजाकर भगवान महाकाल का ध्यान और मंत्रोच्चार किया गया। इसके बाद हरिओम का जल अर्पित किया गया और कपूर आरती संपन्न हुई। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
इसके बाद भगवान महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। गणेश चतुर्थी के इस विशेष अवसर पर बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।