Edited By meena, Updated: 26 Apr, 2026 07:30 PM

रीवा के एक नेता हनी ट्रैप के शिकार हो गए। नेताजी को हुस्न के जाल में फंसाया, अश्लील वीडियो शूट किया और सोशल मीडिया पर वायरल करने के नाम पर नेता से 5 लाख रुपए की मांग की। बेचारे नेता अपनी इज्जत दाव पर लगते देख तत्काल पुलिस की शरण में पहुंचे...
रीवा (गोविंद सिंह) : रीवा के एक नेता हनी ट्रैप के शिकार हो गए। नेताजी को हुस्न के जाल में फंसाया, अश्लील वीडियो शूट किया और सोशल मीडिया पर वायरल करने के नाम पर नेता से 5 लाख रुपए की मांग की। बेचारे नेता अपनी इज्जत दाव पर लगते देख तत्काल पुलिस की शरण में पहुंचे। पुलिस ने नेता की शिकायत पर आरोपी महिला और उसके सहयोगी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। हालांकि दोनों फिलहाल फरार हैं।
पीड़ित नेता के अनुसार, महिला ने बेहद चालाकी के साथ मुझे फंसाया। वह महिला पुलिस कंट्रोल रुम के सामने ही कैफे संचालित करती उसने मुझे चाय पीने के बहाने से कैफे पर बुलाया। वहां उसने अपने पति के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से मुझसे मीठी मीठी बातें की और मुझे धोखे से नशीला पदार्थ पिलाया। इसके बाद खुद न्यूड होकर आपत्तिजनक स्थिति में मेरा और अपना वीडियो गुप्त कैमरे से रिकॉर्ड कर लिया गया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की मांग की गई।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब 17 अप्रैल को आरोपी महिला ने खुद ही सोशल मीडिया पर वीडियो का स्क्रीनशॉट साझा कर दिया। यह वीडियो और स्क्रीनशॉट धीरे धीरे मऊगंज जिले में आग की तरह फैल गए।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला रूचि सिंह और उसके पति रविशंकर तिवारी ने साजिश के तहत पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को नशा देकर आपत्तिजनक वीडियो बनाया था। दोनों ने ब्लैकमेल करते हुए उनसे 5 लाख रुपए तक की मांग की थी फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे केस की विवेचना की जा रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कौन है नेता जी
यह वीडियो पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा का बताया जा रहा है। वीडियो रीवा में शूट हुआ। नेताजी की पार्टी को लेकर भी असमंजस है। वीडियो में नेताजी एक युवती के साथ आपत्तिजनक हालत में नजर आ रहे हैं। ऐसे दो वीडियो सामने आए हैं, जो बेहद अश्लील हैं।
वीडियो को लेकर पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा के करीबी और मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल का बयान भी सामने आया था। उन्होंने कहा कि विनोद मिश्रा श्रीनिवास तिवारी के परिवार से जुड़े रहे हैं। कांग्रेस के नेता हैं। सिद्धार्थ तिवारी बीजेपी में आ गए हैं। जमीन विवाद के एक मामले में विनोद मिश्रा के पास स्टे था। उन्होंने मुझसे मदद मांगी थी। मैंने वैध दस्तावेज और स्टे ऑर्डर होने के कारण उनका सहयोग किया था। जहां तक मुझे जानकारी है कि विनोद मिश्रा ने अभी तक भाजपा जॉइन नहीं की है। लेकिन, इस मामले में कहीं न कहीं षड्यंत्र हो सकता है।