Edited By Desh Raj, Updated: 05 May, 2026 09:32 PM

मध्य प्रदेश में निगमों औऱ मंडलों में जारी नियुक्तियों के बीच मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी हलचल काफी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि निगमों बोर्डों और प्राधिकरणों में नियुक्तियो के बाद अगला काम कैबिनेट विस्तार का है।
(भोपाल): मध्य प्रदेश में निगमों औऱ मंडलों में जारी नियुक्तियों के बीच मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी हलचल काफी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि निगमों बोर्डों और प्राधिकरणों में नियुक्तियो के बाद अगला काम कैबिनेट विस्तार का है। जानकारी मिल रही है कि मोहन सरकार इस दिशा मे एक्टिव हो चुकी है और मंत्रीमंडल विस्तार की ओर कदम बढ़ा चुकी है। बहुत जल्दी ही मंत्रीमंडल में नए सदस्यों की एंट्री हो सकती है। मंत्री पद के चाहवानो के दिल में धुकधुकी शुरु हो चुकी है।
मंत्रियों को अपने विभागों से संबंधित प्रेजेंटेशन देना होगा
लंबे समय से मंत्रि-मंडल विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं लेकिन इन चर्चाओं के बीच प्रदेश के मंत्रियों को परीक्षा से गुजरना होगा। ढाई साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव उनकी उपलब्धियों के बारे में जानेंगे । सभी मंत्रियों को अपने विभागों से संबंधित प्रेजेंटेशन देना होगा। इसके लिए सीएम यादव ने उन्हें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तलब किया है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के पहले मंत्रि-परिषद को एड्रेस करते हुए मंत्रियों को इस बाबत निर्देश दिए गए। अब मंत्रियों को अपने विभाग , प्रभार के जिले की उपलब्धियां के साथ ही आगे की विकास योजना के बारे में बताना होगा। 8 मई से 10 मई के बीच विभागवार बैठकें होंगी।
आम लोगों की मदद करने और लीक से हटकर काम करने वाले मंत्रियों को महत्व
मोहन यादव ने मंत्रियों से कह दिया है कि पहले अपने विभागों के कामकाज की समीक्षा कर लें, उसके बाद उनकी समीक्षा की जाएगी। लिहाजा प्रदेश में मंत्री मंडल के संभावित विस्तार के पहले होने वाली इन समीक्षा बैठकों को बेहद ही अहम माना जा रहा है। फिलहाल मुख्यमंत्री मोहन ने मंत्रियों की समीक्षा बैठक की डेडलाइन फिक्स कर दी है। वहीं मंत्रियों की समीक्षा के साथ ही विभागों के एसीएस, पीएस और सचिवों की भी परीक्षा होगी।