Edited By Desh Raj, Updated: 13 Jun, 2026 04:25 PM

हर साल हमारे देश में मानसून का बेसब्री से इंतजार किया जाता है। मानसून के आगमन से जहां किसानों के चेहरे खिल जाते हैं वहीं गरमी से भी छुटकारा मिल जाता है। इस साल भी मानसून का इंतजार किया जा रहा है।
(भोपाल): हर साल हमारे देश में मानसून का बेसब्री से इंतजार किया जाता है। मानसून के आगमन से जहां किसानों के चेहरे खिल जाते हैं वहीं गरमी से भी छुटकारा मिल जाता है। इस साल भी मानसून का इंतजार किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में भी मानसून प्रवेश करने वाला है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 15 जून तक प्रदेश में मानसून की एंट्री हो जाएगी और फिर बारिश का सिलसिला शुरु हो सकता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून बढ़ रहा
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मध्य प्रदेश में जल्द ही मानसून की एंट्री होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 15 जून से 18 जून के बीच प्रदेश में मानसून पहुंच सकता है और फिर झमाझम बारिश शुरु हो सकती है।
वैसे भी मध्य प्रदेश में कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, तेज हवाएं, बारिश के साथ ही कहीं-कहीं ओलावृष्टि का भी माहौल बना हुआ है।
इस बार जून महीने में औसत से कम हुई है बारिश
वहीं अगर बात की जाए बारिश की तो इस बार जून महीने में अब तक प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में औसत की तुलना में करीब 23 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में सामान्य से करीब 55 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड की गई है। जबकी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल वाले पश्चिमी क्षेत्रों में औसत से लगभग 2 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई है.
इन जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी
लिहाजा मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना सागर के लिए तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। जबकि मानसून के प्रदेश में 15 से 18 जून के बीच एंट्री करने का अनुमान है।