Edited By Himansh sharma, Updated: 26 Feb, 2026 04:29 PM

मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी पर लगाम कसने के दावे एक बार फिर सवालों में घिर गए हैं।
MP News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी पर लगाम कसने के दावे एक बार फिर सवालों में घिर गए हैं। सीधी जिले से सामने आए ताजा मामले ने प्रशासनिक सिस्टम की सच्चाई उजागर कर दी है। जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के नाम पर खुलेआम घूसखोरी चल रही थी, जिसे अब कार्रवाई में पकड़ा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, भू-अर्जन विभाग के कर्मचारी भूपेन्द्र पांडेय ने फोरलेन सड़क परियोजना में शामिल जमीन का मुआवजा दिलाने के बदले फरियादी से 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित पहले ही रकम दे चुका था, लेकिन सबूतों के साथ शिकायत करने पर लोकायुक्त संगठन की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।