Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Feb, 2026 04:34 PM

मध्य प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर में ऐतिहासिक बदलाव हुआ है।
Bhopal, MP: मध्य प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर में ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। अब शहरों के पास किसान और बिल्डर मिलकर इंटीग्रेटेड टाउनशिप (Integrated Township) विकसित कर सकेंगे। इसके लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) नोडल एजेंसी बनेगी और सभी अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाएगी।
कैसे बनेगा नया शहर:
किसान/समूह और डेवलपर सहमति से लैंड पुलिंग करेंगे। टाउनशिप में सरकारी जमीन शामिल होने पर प्रोजेक्ट का 20% या अधिकतम 8 हेक्टेयर जमीन सरकार से डेवलपर को मिलेगी। ग्रीन बिल्डिंग, वनीकरण, और गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोत का उपयोग करने पर डेवलपर को अतिरिक्त एफएआर मिलेगा।
अनुमति प्रक्रिया:
सभी अनुमतियां नोडल एजेंसी 60 दिन में देगी। अगर समय में अनुमति नहीं दी गई तो डीम्ड अनुमति मानी जाएगी। टाउनशिप डेवलपर का पंजीकरण T&CP में अनिवार्य होगा।
नियम और शर्तें:
कुल क्षेत्र का 2.5% ग्रीन कवर और 10% पार्क/खुला क्षेत्र। 15% आवास निम्न आय वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित। 10 हेक्टेयर से कम भूमि पर टाउनशिप नहीं बनेगी। सड़क, पेयजल, सीवेज, बिजली आदि की सभी सुविधाएं डेवलपर की जिम्मेदारी होंगी।
कहाँ नहीं बनेगी टाउनशिप:
राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, रक्षा क्षेत्र, ऐतिहासिक स्थल, रेलवे भूमि आदि।
साधिकार समिति की भूमिका:
5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में सचिव नगरीय विकास की अध्यक्षता में। अन्य जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में। एक से अधिक आवेदन होने पर ई-बिडिंग प्रक्रिया होगी। ये बदलाव किसानों और डेवलपर्स दोनों के लिए नई संभावनाओं का रास्ता खोलते हैं, साथ ही शहरों में इंटीग्रेटेड, ग्रीन और मॉडर्न टाउनशिप का निर्माण संभव बनाएंगे।