MP में ‘बंगला राज’ पर वार.. पूर्व मंत्रियों और अफसरों को सरकार का खाली करो नोटिस

Edited By Himansh sharma, Updated: 10 Jan, 2026 03:33 PM

mp govt orders eviction of former ministers officers

मध्यप्रदेश में अब सरकारी बंगलों पर रसूख का नहीं, नियमों का राज चलेगा।

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब सरकारी बंगलों पर रसूख का नहीं, नियमों का राज चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने साफ कर दिया है...पद गया तो बंगला भी छोड़ना पड़ेगा, चाहे नेता अपनी ही पार्टी का क्यों न हो।

पात्रता समाप्त होने के बावजूद वर्षों से सरकारी बंगलों पर जमे पूर्व मंत्रियों, सांसदों और आईएएस अफसरों के खिलाफ सरकार ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। संपदा संचालनालय ने ऐसे सभी नामों को चिन्हित कर बंगला खाली करने के नोटिस जारी कर दिए हैं।

अपनों पर भी कार्रवाई, नहीं चलेगी ढील

सरकार की सख्ती का सबसे बड़ा संदेश यही है कि कानून सबके लिए बराबर है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को भोपाल के 74 बंगला क्षेत्र स्थित बी-टाइप आवास खाली करने के लिए 13 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी है—समय पर बंगला खाली नहीं हुआ तो बलपूर्वक बेदखली की जाएगी।

पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को भी नोटिस

2023 का विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद पूर्व मंत्री रामपाल सिंह अब तक लिंक रोड-1 स्थित सरकारी बंगले (C-15) में रह रहे हैं। करीब दो साल से जारी कब्जे पर प्रशासन ने अब उन्हें नोटिस थमा दिया है..या तो स्वेच्छा से खाली करें, या प्रशासन खाली कराएगा।

कुर्सी गई, सरकारी बंगले से मोह नहीं छूटा

ऐसे नेताओं की सूची लंबी है जिनका पद तो चला गया, लेकिन सरकारी बंगले से मोह नहीं छूटा।

पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह

पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा

पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया

तीनों 2023 का चुनाव हार चुके हैं, फिर भी सरकारी आवासों पर काबिज हैं। वहीं यशोधरा राजे सिंधिया, जिन्होंने चुनाव नहीं लड़ा, अब भी मंत्री रहते आवंटित बंगले में रह रही हैं। ये सभी आवास भोपाल के पॉश चार इमली और 74 बंगला इलाकों में स्थित हैं।

अब लगेगा 30 गुना तक जुर्माना

विधि विभाग ने सख्त नियमों को मंजूरी दे दी है—

पहले 3 महीने: सामान्य किराया

अगले 3 महीने: 10 गुना किराया

6 महीने बाद: 30 गुना तक हर्जाना

यानी साफ संदेश..बंगला खाली करें, वरना लाखों का जुर्माना भरें।

अफसर भी रडार पर

सख्ती सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं है। सरकार ने 4 आईएएस अफसरों—सुधीर कोचर, अदिति गर्ग, रत्नाकर झा और निधि सिंह समेत 3 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है।

मोहन सरकार का साफ संदेश

अब मध्यप्रदेश में सत्ता बदलने के बाद भी सरकारी सुख-सुविधाओं पर कब्जा नहीं चलेगा। नियम तोड़े गए तो कार्रवाई तय है.. चाहे नेता हो या अफसर।

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