Edited By Desh sharma, Updated: 25 Jan, 2026 06:18 PM

मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूजा औऱ नमाज का फरमान था। लेकिन बसंत पंचमी पर भोजशाला में नमाज व्यवस्था को लेकर मुस्लिम समाज ने आपत्ति जताई है। दरसअल कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने प्रशासन पर भेदभाव ...
(धार): मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूजा औऱ नमाज का फरमान था। लेकिन बसंत पंचमी पर भोजशाला में नमाज व्यवस्था को लेकर मुस्लिम समाज ने आपत्ति जताई है। दरसअल कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने प्रशासन पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने व्यवस्था को लेकर कहा कि वहां पर डमी नमाज पढ़वाई गई है। उन्होंने कहा कि भोजशाला में बसंत पंचमी पर हिंदू समाज ने पूरा दिन पूजा की, जबकि जुमे की नमाज के वक्त मुस्लिम समुदाय को प्रशासन की निगरानी में नमाज अदा कराई गई। मुस्लिम पक्ष की ओर से पढ़ाई गई नमाज पर भी आपत्ति दर्ज जताई है।
डमी नमाज पढ़वाने का लगाया आरोप
सुप्रीम कोर्ट में मामले के याचिकाकर्ता अब्दुल समद ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए डमी नमाज पढ़वाने की बात कही । साथ ही आरोप लगाते हुए कहा कि मस्जिद में ऐसे लोगों को नमाज पढ़वाई गई, जो धार के स्थानीय निवासी ही नहीं थे। अब्दुल समद ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जिनसे नमाज पढ़ाई गई वो भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से ही जुड़े हुए हैं। साथ ही मामले में जिम्मेदार पदाधिकारियों और याचिकाकर्ताओं से कोई संपर्क ही नहीं किया गया।
अधिकार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही
अब्दुल समद ने कहा है कि वो अपने अधिकार के लिए वो न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने सीधी आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। और तो और जिस जिस स्थान पर नमाज पढ़वाई गई, वो भोजशाला का परिसर ही नहीं है।
वहीं दूसरी ओर मामले पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने अपना पक्ष रखा है। कलेक्टर ने कहा कि वसंत पंचमी पर सारे कार्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर ही किए गए हैं। लिहाजा अब्दुल समद ने प्रशासन पर भेदभाव के आरोप लगाकर मामले को गरमा दिया है।