Income Tax New Rules 2026: PAN को लेकर बड़ा बदलाव, जानें कहां जरूरी और कहां मिली राहत

Edited By Himansh sharma, Updated: 13 Feb, 2026 07:11 PM

pan rules revised new limits for cash and property deals

केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है।

भोपाल: केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) के उपयोग से जुड़े नियमों को सरल बनाने के लिए नया मसौदा जारी किया गया है। इसका मकसद छोटे और कम जोखिम वाले लेनदेन में PAN की अनिवार्यता खत्म कर अनुपालन (Compliance) का बोझ कम करना है। सरकार ने इन प्रस्तावित नियमों पर आम जनता, टैक्सपेयर्स और इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स से 22 फरवरी 2026 तक सुझाव मांगे हैं।

क्या है बदलाव का मकसद?

अब तक कई छोटे लेनदेन में भी PAN कोट करना जरूरी था, जिससे आम लोगों और व्यापारियों पर अतिरिक्त कागजी कार्रवाई का दबाव पड़ता था। नए ड्राफ्ट नियम (Rule 159) के तहत सरकार बड़े और टैक्स के लिहाज से महत्वपूर्ण लेनदेन पर फोकस करना चाहती है, जबकि कम मूल्य के ट्रांजैक्शन को राहत देने की तैयारी है।

कहां होगा PAN जरूरी?

1. मोटर वाहन खरीद-बिक्री

अगर वाहन का लेनदेन मूल्य 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो PAN जरूरी। ,5 लाख रुपये से कम कीमत पर PAN की जरूरत नहीं। (पहले कम कीमत वाले पुराने वाहनों पर भी PAN जरूरी हो सकता था)

2. बैंक में नकद जमा/निकासी

एक वित्तीय वर्ष में कुल 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा नकद जमा/निकासी पर PAN अनिवार्य। अभी तक एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा जमा पर PAN जरूरी था। इससे छोटे-छोटे जमा करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

3. होटल/रेस्तरां/बैंक्वेट हॉल भुगतान

अगर बिल 1 लाख रुपये से ज्यादा है तो PAN जरूरी।

वर्तमान सीमा 50,000 रुपये है।

 4. अचल संपत्ति (Property Deal)

20 लाख रुपये से ज्यादा के खरीद/बिक्री/उपहार या ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट पर PAN जरूरी। पहले यह सीमा 10 लाख रुपये थी।

5. बीमा पॉलिसी

बीमा कंपनी के साथ खाता-आधारित संबंध शुरू करने पर PAN जरूरी। पहले केवल 50,000 रुपये से ज्यादा प्रीमियम पर PAN की आवश्यकता होती थी।

कर्मचारियों के लिए भी बदलाव

सरकार ने नियोक्ताओं द्वारा दिए जाने वाले परक्विजिट (Perquisites) के मूल्य में संशोधन का प्रस्ताव रखा है: मुफ्त भोजन/नॉन-अल्कोहलिक पेय: 200 रुपये प्रति भोजन

1.6 लीटर से कम इंजन कार: 8,000 रुपये प्रति माह

1.6 लीटर से अधिक इंजन कार: 10,000 रुपये प्रति माह
(ड्राइवर भत्ता शामिल)

आम जनता को क्या फायदा?

छोटे लेनदेन में राहत कम कागजी कार्रवाई टैक्स प्रशासन में पारदर्शिता बड़े और संदिग्ध लेनदेन पर सरकार की नजर
सरकार का साफ संदेश है — “छोटे ट्रांजैक्शन पर कम सख्ती, बड़े पर सख्त निगरानी।”

22 फरवरी 2026 तक दे सकते हैं सुझाव

ड्राफ्ट नियमों पर जनता से सुझाव मांगे गए हैं। अंतिम नियम लागू होने से पहले सरकार सभी प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करेगी। अगर आप टैक्सपेयर, व्यापारी या निवेशक हैं, तो ये बदलाव सीधे तौर पर आपकी वित्तीय योजना और लेनदेन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

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