Edited By PTI News Agency, Updated: 08 Mar, 2021 07:24 PM

भोपाल, आठ मार्च (भाषा) सदन में प्रवेश के लिए मंत्रियों और विधायकों के लिए अलग-अलग द्वार बनाये का विरोध करते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने सोमवार को हंगामा किया और इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित...
भोपाल, आठ मार्च (भाषा) सदन में प्रवेश के लिए मंत्रियों और विधायकों के लिए अलग-अलग द्वार बनाये का विरोध करते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने सोमवार को हंगामा किया और इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा, ‘‘सदन में प्रवेश के लिए मंत्रियों के लिए अलग द्वार और विधायकों के लिए अलग द्वार कर दिया गया है। यह कौन सा अंग्रेजों का कानून हम लागू कर रहे हैं?’’
हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह व्यवस्था विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने की है और अगर सदस्यों को कोई सुझाव देना है तो जाकर अध्यक्ष से कहें।
मिश्रा ने कहा कि लोकसभा में भी इस तरह की प्रवेश द्वार व्यवस्था है।
जब यह आपत्ति उठाई गई थी, तब आसंदी पर गौतम नहीं थे बल्कि एक महिला सदस्य विराजमान थी।
जवाब के बाद पटवारी एवं मिश्रा के बीच इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक होने लगी। इसके बाद कांग्रेस के अन्य विधायक भी इसमें शामिल हो गये और हंगामा करने लगे, जिसके चलते सभापति जमुना सोलंगी ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी विधायकों के सम्मान की रक्षा करे, चाहे वे सत्तापक्ष के हों या विपक्ष के।
उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा अनुरोध है कि सदन की चली आ रही यह परंपरा कायम रखनी चाहिए।’’
इसके बाद मिश्रा ने कहा, ‘‘प्रतिपक्ष नेता ने बहुत सही विषय की ओर ध्यान आकर्षित किया है। मैंने पहले ही कहा था कि यह व्यवस्था सरकार की नहीं है। इस परिसर के अंदर अध्यक्ष की व्यवस्था चलती है। नेता प्रतिपक्ष एवं अध्यक्ष जैसा तय करेंगे, उसमें सभी की सहमति है।’’
यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।