बारिश-ओलावृष्टि से तबाही, फसलें बर्बाद; सरकार देगी मुआवजा, आज फिर इन जिलों में IMD का अलर्ट

Edited By Himansh sharma, Updated: 19 Feb, 2026 01:50 PM

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मध्य प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

MP News: मध्य प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, चना, सरसों, प्याज, टमाटर और अफीम जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। तापमान में गिरावट से आम लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों पर इसका सीधा असर पड़ा है।

कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने भरोसा दिलाया है कि जिन इलाकों में ओलावृष्टि और बारिश से नुकसान हुआ है, वहां प्रशासनिक सर्वे कराकर RBC 6-4 के तहत किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ने साफ कहा है कि फसल नुकसान का आकलन प्राथमिकता से किया जाएगा और पात्र किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी।

बारिश और ओलों से सबसे ज्यादा असर इंदौर, उज्जैन, सीहोर, बड़वानी, मंदसौर, नीमच, झाबुआ और रतलाम जैसे जिलों में देखा गया। कई जगहों पर दिन में तो कहीं रात में तेज बारिश हुई, जिससे कटाई के लिए तैयार फसलें गिर गईं और दाने खराब हो गए।

मंदसौर जिले में किसान मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। यहां टमाटर, गेहूं, धनिया, चना और अफीम की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहीं सीहोर जिले में पककर खड़ी रवि फसलें बारिश में भीगने से खराब हो गईं। महीनों की मेहनत पर पानी फिरने से किसान मानसिक रूप से टूट चुके हैं।

मौसम विभाग के अनुसार आज ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और इंदौर संभाग के कुछ इलाकों में फिर गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। फरवरी में यह तीसरी बार मौसम का ऐसा बदलाव माना जा रहा है। 22 फरवरी तक हल्की बारिश का सिलसिला बने रहने का अनुमान है।

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के पटवारी और तहसील कार्यालय में फसल नुकसान की सूचना दें, ताकि सर्वे कराकर जल्द से जल्द मुआवजा प्रक्रिया शुरू की जा सके।

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