Edited By meena, Updated: 14 May, 2026 03:28 PM

पीएम मोदी की पेट्रोल बचाओ अपील बेअसर नजर आ रही है। खास बात यह कि खुद भाजपा नेता ही माखौल उड़ाते नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी के बाद सीएम मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने भी..
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : पीएम मोदी की पेट्रोल बचाओ अपील बेअसर नजर आ रही है। खास बात यह कि खुद भाजपा नेता ही माखौल उड़ाते नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी के बाद सीएम मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने भी अपनी गाड़ियां भले ही कम कर दी हैं लेकिन मध्य प्रदेश के भाजपा नेता नहीं मान रहे। आए दिन किसी न किसी नेता का लंबी गाड़ियां का काफिला सड़कों पर नजर आता है। हालांकि संगठन ने इस पर सख्ती दिखाते हुए कई नेताओं को नोटिस तो कुछ एक पर तो एक्शन भी लिया है। लेकिन एक बार फिर मध्य प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव के आगमन पर निकले लंबे वाहन काफिले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पहली बार छतरपुर पहुंचीं रेखा यादव के स्वागत में दर्जनों चार पहिया वाहन और समर्थकों का बड़ा काफिला नजर आया। शहर के भाजपा कार्यालय के सामने वाहनों की लंबी कतार लगने से कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति भी बन गई।
घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद अब विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ईंधन बचत और अनावश्यक खर्च कम करने की अपील करते हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं के स्वागत कार्यक्रमों में बड़े-बड़े काफिले निकल रहे हैं। लोगों ने इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव की सादगी और सरकारी खर्चों में कटौती संबंधी निर्देशों के विपरीत बताया है।

भाजपा कार्यालय के बाहर बढ़ी भीड़, यातायात प्रभावित
जानकारी के मुताबिक महिला आयोग अध्यक्ष के स्वागत के लिए भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। इस दौरान समर्थकों के वाहन एक साथ भाजपा कार्यालय के सामने पहुंच गए, जिससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ। कुछ देर तक वाहन रेंगते नजर आए और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। हालांकि कार्यक्रम के दौरान किसी अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं है।

कांग्रेस ने कहा- कथनी और करनी में अंतर
मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा जनता को ईंधन बचाने और सादगी अपनाने की सीख देती है, लेकिन उनके नेता खुद इन अपीलों का पालन करते नजर नहीं आते। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि शीर्ष नेतृत्व की अपीलों को पार्टी नेता ही गंभीरता से नहीं ले रहे, तो आम जनता से पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है। हालांकि भाजपा की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।