Edited By meena, Updated: 27 Aug, 2026 09:02 PM

भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस बार विशेष संयोगों के साथ मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त शुक्रवार को धूमधाम...
रायसेन (शिवलाल यादव) : भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस बार विशेष संयोगों के साथ मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त शुक्रवार को धूमधाम असीम उत्साह के साथ मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों पंडित दामोदर व्यास देवनगर धर्मशास्त्री पंडित ओमप्रकाश शुक्ला राममोहन चतुर्वेदी के मुताबिक इस वर्ष रक्षाबंधन पर कई शुभ योग बन रहे हैं और खास बात यह है कि पर्व पर भद्रा का साया नहीं रहेगा।
पं. शुक्ला सौजना के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन का पर्व विशेष है। रक्षाबंधन पर महालक्ष्मी योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग, सुकर्मा योग और सौभाग्य योग का शुभ संयोग बन रहा है। इसके साथ ही शुक्रवार को पूर्णिमा, कुंभ का चंद्रमा, शतभिषा नक्षत्र और सुकर्मा योग का संयोग भी रहेगा। बताया गया कि ऐसा संयोग इससे पहले वर्ष 1928 में बना था। इस कारण इस संयोग को कृषि क्षेत्र के लिए भी विशेष फलदायी माना जा रहा है।
दिनभर रहेगा शुभ मुहूर्त.
पं. राममोहन चतुर्वेदी के अनुसार पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त की सुबह 8:17 बजे होगी, जो अगले दिन 28 अगस्त को सुबह 9:32 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 28 अगस्त को ही पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।
इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा और ग्रहण का साया भी नहीं रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भद्रा का अशुभ प्रभाव भी मान्य नहीं होगा। भद्रा इस बार रक्षाबंधन पर्व से एक दिन पहले रात में ही समाप्त हो जाएगी। ऐसे में बहनें पूरे दिन शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकेंगी।
रक्षाबंधन के दिन बहनें भाइयों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगी। वहीं भाई भी बहनों की रक्षा का संकल्प लेंगे। शुभ योगों के संयोग के कारण इस बार रक्षाबंधन को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहने की उम्मीद है।