सुशासन का मॉडल बना सीधी: सैनिक सम्मान से महिला सशक्तिकरण तक, बदल रही जिले की तस्वीर

Edited By Himansh sharma, Updated: 25 May, 2026 07:25 PM

sidhi emerges as a of good governance and innovation

संवेदनशील प्रशासन, त्वरित समस्या समाधान और जनभागीदारी आधारित नवाचारों के जरिए सीधी जिला इन दिनों सुशासन का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है।

सीधी: संवेदनशील प्रशासन, त्वरित समस्या समाधान और जनभागीदारी आधारित नवाचारों के जरिए सीधी जिला इन दिनों सुशासन का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। बीते एक माह में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण, सैनिक सम्मान, श्रमिक कल्याण और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में कई ऐसी पहलें शुरू की हैं, जिनका सीधा लाभ आमजन तक पहुंच रहा है। इन प्रयासों ने न केवल प्रशासन को जनता के करीब लाया है, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की नई मिसाल भी पेश की है।

सैनिकों के सम्मान में “हेलो सीधी – जय जवान”

देश की सुरक्षा में समर्पित सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन ने “हेलो सीधी – जय जवान” जैसी अभिनव पहल शुरू की है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से सैनिक अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ पर शुरू की गई यह पहल सैनिक सम्मान के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है।

स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक शनिवार अंत्योदय स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक 28 स्थानों पर शिविर आयोजित कर बड़ी संख्या में ग्रामीणों को निःशुल्क जांच, उपचार और स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जा चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के पोषण और मातृ स्वास्थ्य पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।

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“चिरैया अभियान” से किशोरियों को सुरक्षा कवच

किशोरी स्वास्थ्य को लेकर संचालित “चिरैया अभियान” के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और एचपीवी टीकाकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रचार वाहन गांव-गांव पहुंचकर भ्रांतियां दूर कर रहे हैं और स्वास्थ्य जागरूकता फैला रहे हैं।

महिला किसान चौपाल: कृषि में नारी शक्ति की नई पहचान

किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत पहली बार जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में महिला किसान चौपाल आयोजित की जा रही है। यह मंच महिला कृषकों को अनुभव साझा करने, कृषि नवाचारों से जुड़ने और अपनी भागीदारी मजबूत करने का अवसर दे रहा है। कृषि क्षेत्र में महिलाओं को निर्णयकर्ता और परिवर्तनकर्ता के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।

चौपाल से खेत तक पहुंच रहा वैज्ञानिक ज्ञान

कृषि चौपालों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण, जैविक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कृषि रथ अभियान के जरिए कृषि वैज्ञानिक गांव-गांव पहुंचकर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दे रहे हैं। इससे खेती को परंपरागत दायरे से निकालकर आधुनिक और लाभकारी बनाने की दिशा में काम हो रहा है।

जनसमस्याओं का त्वरित समाधान बना प्राथमिकता

“संकल्प से समाधान” कार्यक्रम के तहत शिविर लगाकर समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। खास बात यह है कि केवल समाधान ही नहीं, बल्कि फॉलोअप शिविर लगाकर हितग्राहियों को कार्रवाई की स्थिति से भी अवगत कराया जा रहा है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और जनता का भरोसा दोनों मजबूत हुए हैं।

प्रशासन गांवों में, समस्याओं का समाधान मौके पर

रात्रिकालीन चौपाल, जनसंवाद और रात्रि विश्राम कार्यक्रमों के जरिए प्रशासन गांवों तक पहुंच रहा है। मझौली, कुसमी, सिहावल, चुरहट और रामपुर नैकिन क्षेत्रों में अधिकारियों ने स्कूल, अस्पताल, राशन दुकान और पंचायत भवनों का निरीक्षण कर मौके पर समस्याओं का समाधान किया। यह मॉडल प्रशासन को कार्यालयों से निकालकर जनता के बीच ले आया है।

“अवनि” कार्यक्रम बना महिला सशक्तिकरण का उत्सव

चुरहट में आयोजित “अवनि-नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण बना। जिले में पहली बार आयोजित पीली साड़ी वॉकथॉन, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और उत्कृष्ट महिलाओं के सम्मान ने इस आयोजन को विशेष बनाया। छात्राओं ने “उड़ान” गतिविधि के माध्यम से अपने सपनों को रंगों में अभिव्यक्त किया।

श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूती

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सीधी जिला प्रदेश में 13वें स्थान पर पहुंचा है, जबकि संबल 2.0 के लंबित प्रकरणों के निराकरण में जिला प्रदेश में चौथे स्थान पर है। विभिन्न स्थानों पर आयोजित विशेष शिविरों में श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, पंजीयन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है।

शिक्षा से युवाओं को नई उड़ान

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए जिला मुख्यालय में हर रविवार “संकल्प कोचिंग” और चुरहट में हर शनिवार “श्रमोदय कोचिंग” संचालित की जा रही है। इससे विशेष रूप से श्रमिक और वंचित वर्ग के युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

जिला चिकित्सालय में अनुशासन और गुणवत्ता सुधार

जिला चिकित्सालय सीधी में ड्रेस कोड, समयपालन और नियमित निरीक्षण को लेकर सख्ती बरती गई है। कलेक्टर स्वयं अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों और परिजनों से फीडबैक ले रहे हैं। मरीजों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ वातावरण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। सीधी जिला प्रशासन की ये पहलें दर्शाती हैं कि संवेदनशील सोच, मजबूत नेतृत्व और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली से प्रशासन केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि बदलाव का माध्यम भी बन सकता है।

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