Video: ऐसे हैं MP के अतिथि शिक्षक, 17 का पहाड़ा भी नहीं आता

Edited By ASHISH KUMAR, Updated: 06 Mar, 2019 03:44 PM

मध्यप्रदेश में शिक्षा-व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब एक अतिथि शिक्षक कलेक्टर जनसुनवाई में अपना आवेदन लेकर पहुंचा। पीडि़त अतिथि शिक्षक का आरोप था कि वह जिस विद्यालय में 7 वर्ष से पढ़ा रहा था । द्वेश भावना के कारण इस साल उसका चयन नहीं किया गया ।...

सतना: मध्यप्रदेश में शिक्षा-व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब एक अतिथि शिक्षक कलेक्टर जनसुनवाई में अपना आवेदन लेकर पहुंचा। पीडि़त अतिथि शिक्षक का आरोप था कि वह जिस विद्यालय में 7 वर्ष से पढ़ा रहा था । द्वेश भावना के कारण इस साल उसका चयन नहीं किया गया । काफी शोर-सिफारिस के बाद जब शिक्षक को नौकरी नहीं मिली तो उसने जनसुनवाई में कलेक्टर के सामने बात रखने की ठान ली । लेकिन इसका अंजाम तो उसने सपने में भी न सोचा होगा। उसे क्या पता था कि नौकरी के सारे दरवाजे हमेशा के लिए बंद होने वाले है।

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फिर भी उसने अपने प्रयास जारी रखे और वह मंगलवार को धवारी कलेक्ट्रेट पर आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर सतना के सामने अपना शिकायती आवेदन लेकर पहुंच गया । लेकिन उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।

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जब कलेक्ट्रेट सत्येंद्र सिंह ने उसे 17 का पहाड़ा सुनाने को कहा। लेकिन अतिथि शिक्षक रुक-रुक कर बड़ी मुश्किल से 17 का पहाड़ा 5 तक यानी कि 85 तक ही बोल पाया। आखिरकार अपना बचाव न देखते हुए शिक्षक ने बहाना बनाने की कोशिश की कि उसे बुखार आ गई थी इसलिए वह आगे नहीं बोल सकता। लेकिन कलेक्टर ने उसे फटकार लगाते हुए कहा कि ठीक किया जो तुम्हें पद से निकाल दिया। 

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