Edited By Desh Raj, Updated: 19 Jun, 2026 06:41 PM

इंदौर में एक महिला रोते हुए सीएम मोहन यादव के पास पहुंच गई और अपनी व्यथा सुनाई। महिला ने रोते हुए मेट्रो प्रोजेक्ट में मकान अधिग्रहण को लेकर मुख्यमंत्री से अपनी करुण गुहार लगाई है। महिला ने रोते हुए कहा कि मेरे मकान का अधिग्रहण किया गया लेकिन...
इंदौर (सचिन बहरानी): इंदौर में एक महिला रोते हुए सीएम मोहन यादव के पास पहुंच गई और अपनी व्यथा सुनाई। महिला ने रोते हुए मेट्रो प्रोजेक्ट में मकान अधिग्रहण को लेकर मुख्यमंत्री से अपनी करुण गुहार लगाई है। महिला ने रोते हुए कहा कि मेरे मकान का अधिग्रहण किया गया लेकिन बदले में सिर्फ 16 लाख रुपये का मुआवजा मिला, जबकि दूसरे लोगों को मकान के 40 लाख रुपये तक दिए गए हैं। कई घरों को 40-40 लाख का मुआवजा दिया है। लेकिन उसके साथ भेदभाव हो रहा है।
मेरी तीन बेटियां हैं, बेटा कहां से लाऊं?- पीडित महिला
महिला ने रोते हुए मुआवजा प्रक्रिया में भेदभाव के आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी कहते हैं अगर आपके बेटा होता तो ज्यादा पैसा मिलता। इस पर महिला बिफरते हुए बोली कि मेरी तीन बेटियां हैं, बेटा कहां से लाऊं? क्या बेटियों की वजह से कम मिलेगा हक ?
वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रोती हुई महिला को भरोसा दिलाया है कि वो मामले की जांच करके हरसंभव मदद करेंगें। किसी भी तरह से महिला को तर्कसंगत न्याय मिले इसके लिए वो आगे की जांच कराएंगे।
बड़ा गणपति क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए 10 मकानों का अधिग्रहण
दरअसल मामला बड़ा गणपति क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए 10 मकानों के अधिग्रहण का है जहां पर 9 मामलों का निपटारा हुआ। एकमात्र शेष मकान के मुआवजे को लेकर विवाद देखने को मिला। महिला ने सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी शिकायत रखते हुए दिल का हाल सुनाया। वहीं अब मुआवजे में असमानता के आरोपों से मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।