Edited By Vandana Khosla, Updated: 08 Jun, 2026 03:31 PM

भोपालः मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार और मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट ने सोमवार को यहां नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश...
भोपालः मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार और मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट ने सोमवार को यहां नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भाजपा प्रभारी महेन्द्र सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और राज्य सरकार के मंत्री व विधायक मौजूद थे। भाजपा उम्मीदवार केवट के नामांकन के बाद CM मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। कहा कि- "जब तक जीत नहीं जाते, शांत नहीं बैठेंगे"
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने फिर से राज्यसभा की तीनों सीटों पर जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि तीसरी प्रत्याशी महेश केवट एक योग्य प्रत्याशी हैं, जिन्होंने समय रहते नामांकन कर दिया है। उन्हें भगवान राम का आशीर्वाद मिल रहा है। सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र पर चलेंगे। हर वर्ग को उच्च सदन में प्रतिनिधित्व करेंगे। भाजपा में हर पार्टी का लक्ष्य विजय होना है। सीएम ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि हमारे सभी प्रत्याशी जीतेंगे। जब तक जीत नहीं जाते शांत नहीं बैठेंगे। वहीं, आगे कहा कि भाजपा के साथ कांग्रेस के विधायकों से जीत की अपील करेंगे।
बता दें कि इससे पहले शनिवार को भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, चुग और अग्रवाल की जीत लगभग तय मानी जा रही है जबकि तीसरी सीट पर मुकाबला होना सुनिश्चित है। कांग्रेस ने इस सीट पर मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। नटराजन ने भी सोमवार को नामांकन दाखिल किया। दिग्विजय सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद कांग्रेस ने नटराजन को उम्मीदवार बनाया है।
वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में प्रभावी वोटों की संख्या 228 है। इसमें भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। बीना से विधायक निर्मला सप्रे के मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट ना होने और उनका झुकाव भाजपा की तरफ होने तथा विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक जैसी तकनीकी वजहों से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट गया है। राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है। कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे।
तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी भाजपा को 10 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। कांग्रेस के पास जीत के लिए आवश्यक आंकड़े हैं लेकिन भाजपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार की घोषणा ने उसकी चिंता बढ़ा दी है और नटराजन की जीत की राह मुश्किल कर दी है। मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है।